नैनीताल-एजुकेशनल मिनिस्ट्रीयल आफीसर्स एसोसिएशन कुमाऊं मण्डल नैनीताल के अध्यक्ष जगमोहन सिंह खाती,मंडल सचिव धीरेन्द्र कुमार पाठक द्वारा कहा गया है कि दिनांक 23 व 24 को देहरादून में संगठन का प्रांतीय अधिवेशन पूरी तरह से अंसवैधानिक है और कुमाऊं मण्डल नैनीताल द्वारा इस अधिवेशन का बहिष्कार किया गया था।सदस्यों व पदाधिकारियों की मांग थी कि अध्यक्ष व सचिव दोनों मंडलों में पृथक होने चाहिए तथा इसी प्रकार महत्त्वपूर्ण पदों का भी दोनों मंडलों में होना आवश्यक है।लेकिन प्रांत व गढ़वाल मंडल द्वारा कुमाऊं मण्डल की बात को अनसुना कर दिया गया और प्रांतीय अधिवेशन सम्पन्न करा लिया गया। जिसमे फिर से अध्यक्ष,वरिष्ठ उपाध्यक्ष,उपाध्यक्ष व सचिव चारों शीर्ष पद गढ़वाल के सदस्यों से ही निर्वाचित कर दिए गए।इस अधिवेशन में कुमायूं मंडल द्वारा बहिष्कार किया गया था। उसके बाद भी अधिवेशन सम्पन्न कराना इस बात का परिचायक है कि गढ़वाल मंडल मनमानी पर उतारू है। पिछले 6 वर्षों से भी अध्यक्ष व सचिव का कोई भी पद कुमाऊं मण्डल नैनीताल में नहीं होने तथा क्षेत्रीय संतुलन न होने के कारण सामूहिक रूप से प्रांतीय अधिवेशन का विरोध किया गया था।निदेशालय के काम के लिए भी कुमाऊं मण्डल नैनीताल को आमरण अनशन धरना प्रदर्शन करना पड़ा था।फरवरी 21 में ही पदोन्नति में काउंसलिंग व्यवस्था व शिथिलीकरण लागू करने के लिए,पदोन्नति प्रक्रिया शुरू करने के लिए ऊधमसिह नगर जिला मुख्यालय पर आमरण अनशन किया गया था।प्रशासनिक अधिकारियों के पदोन्नति के लिए पूर्व में लगातार 6 दिन धरना प्रदर्शन किया गया था।निदेशालय ने धरना प्रदर्शन करने पर कुमाऊं मण्डल नैनीताल के अध्यक्ष जगमोहन सिंह खाती,मंडल सचिव धीरेन्द्र कुमार पाठक सहित अन्य पदाधिकारी का वेतन भी अवरूद्ध किया गया था इसके बाद भी प्रांत द्वारा कोई विरोध नहीं किया गया।इन्हीं हालातों के मध्येनजर कुमाऊं मण्डल नैनीताल द्वारा प्रांतीय अधिवेशन का बहिष्कार किया गया था तथा दोनों मंडलों में पांच पांच पदों की आवश्यकता बताई थी।कुमाऊं मण्डल नैनीताल प्रांतीय कार्यकारिणी का विरोध करेगा जब तक पांच पदों को दोनों मंडलों में देने की लिखित सहमति नहीं होती है विरोध होता रहेगा।निदेशालय महानिदेशक व अपर शिक्षा निदेशक कुमाऊं मण्डल नैनीताल को भी पत्र द्वारा अवगत करा दिया जाएगा।कुमाऊं मण्डल के हकों पर गढ़वाल मंडल द्वारा की जा रही मनमानी अब बर्दाश्त से बाहर है।आने वाली पीढ़ी को भी रास्ता साफ किया जायेगा।रोस्टर के अनुसार जो पांच पदों पर गढ़वाल मंडल के पदाधिकारियों के लिए सुरक्षित होंगे अगली बार दो साल बाद वही पद कुमाऊं मण्डल नैनीताल के लिए सुरक्षित होंगे और समानता के आधार पर प्रांतीय कार्यकारिणी को चलाया जाएगा।संगठन को पूर्व में भी कुमाऊं मण्डल के कार्य हल कराने के लिए मुख्यमंत्री,विधानसभा अध्यक्ष,विधानसभा उपाध्यक्ष व शिक्षा मंत्री के पास जाना पड़ा था क्योंकि प्रांत में पद नहीं होने से पैरवी नहीं हो रही थी।अब कुमाऊं मण्डल गढ़वाल मंडल की मनमानी बर्दाश्त नहीं करेगा। जब तक पांच पदों पर स्पष्ट फैसला नहीं होता उसके बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा।निदेशालय के मामलों को हल करने के लिए कुमाऊं मण्डल नैनीताल की ओर से वार्ता समिति भी गठित की जायेगी।लगातार और लगातार मनमानी चरम सीमा लांघ गई है।अब कुमाऊं मण्डल के सदस्यों को उनके हकों को दिलाया जाएगा।दोनों शीर्ष या चारों शीर्ष पदों पर काबिज होना यही दर्शाता है कि प्राकृतिक व मानवाधिकार का भी उल्लंघन किया जा रहा है।जिला अध्यक्ष अल्मोड़ा पुष्कर सिंह भैसोड़ा व जिला अध्यक्ष नैनीताल हरिशंकर नेगी द्वारा भी अवगत कराया गया है कि प्रांत व गढ़वाल मंडल की मनमानी चरम पर होने के कारण ही प्रांतीय चुनाव का बहिष्कार किया गया था और अब जब तक पांच पांच पदों पर लिखित सहमति नहीं बनती तब तक प्रांत का बहिष्कार जारी रहेगा और दिनांक 23 व 24 को चुनी गई कार्यकारिणी जो कि गढ़वाल मंडल द्वारा बनाई गई है पूरी तरह से अंसवैधानिक है।