अल्मोड़ा-विगत कुछ दिनों पूर्व धर्मनिरपेक्ष युवा मंच के वार्ड से वार्ड चलो अभियान के तहत अल्मोड़ा नगर पालिका के महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक मोहल्ला टम्टा मोहल्ला में एक बैठक का आयोजन किया गया।जिसमें इन मोहल्ले में रह रहे हैं हस्तशिल्प कुशल कारीगरों ने अपनी समस्याएं मंच के साथ साझा की।तांबों के उत्पाद के लिए प्रसिद्ध ताम्र नगरी अल्मोड़ा तांबे के विभिन्न प्रकार के उत्पादन के लिए विश्व प्रसिद्ध था।किंतु कच्चे माल की कमी,उचित मार्केटिंग विपणन की सुविधा न होने के कारण पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढने वाला पवित्र धातु तांबे के इस काम में कुशल कारीगर बमुश्किल से गुजारा कर पा रहे हैं।मंच के संयोजक विनय किरौला ने कहा कि उत्तराखंड सरकार के क्षेत्रीय कुशल कारीगरों के काम को मुख्यधारा से जोडकर नई पीढ़ी को भी इन कामों में जोडा जाये ताकि ताम्र नगरी टम्टा मौहल्ला की नई पीढ़ी भी इस तांबे के इस हुनर को सीखकर रोजगार से जुड़ सके।साथ ही उत्तराखंड सरकार के क्षेत्रीय उत्पादों(souvenir good) में अल्मोड़ा की ताम्र नगरी(टम्टा मौहल्ला) के उत्पादों को शामिल किया जाए।क्योंकि इस शिल्प कला से जुड़े लोग आज अपनी आजीविका का बमुश्किल गुजारा कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि धर्मनिरपेक्ष युवा मंच समस्त हस्तशिल्प कारीगरों की ओर से पुरजोर मांग करता है कि कि अल्मोड़ा शहर के साथ ही हल्द्वानी,देहरादून,दिल्ली में शीघ्र अति शीघ्र एक केंद्र,स्टोर अथवा शोरूम की स्थापना की जाए जिसमें तांबे से जुड़े हुए विभिन्न प्रकार के बर्तन तथा वस्तुएं उपलब्ध हों।जिससे अल्मोड़ा में आने वाले पर्यटक व अन्य जगहों पर ग्राहकों को तांबे के उचित उत्पाद उचित दामों पर उपलब्ध हो सके।इससे इन कलाकारों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी तथा हाशिये पर पहुंच चुके अल्मोड़ा शहर में ताम्र उद्योग पुनः जीवित होगा एवं रोजगार हेतु पलायन रुकेगा।इस अवसर पर धर्म निरपेक्ष युवा मंच के संयोजक विनय किरौला,सूरज टम्टा,पवन मुस्यूनी,विनोद मुस्यूनी,बलवंत सिंह नगरकोटी,अनुज टम्टा,रिषभ टम्टा, सुदर्शन टम्टा,सुदामा लाल टम्टा,नंद लाल टम्टा,अजित टम्टा,नवीन टम्टा, निशांत टम्टा,इत्यादि लोग मौजूद रहे।