अल्मोड़ा – मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अल्मोड़ा श्री दया राम के न्यायालय में 60 आबकारी अधिनियम के एक मुकदमे में आरोपी मंजुल मित्तल को दोषमुक्त किया गया।संक्षेप में,अभियोजन के द्वारा माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अल्मोड़ा के न्यायालय में अ आरोपी पर उसके भवन से 272 पेटियां अवैध शराब मिलने का मामला चला जिसके समर्थन में उनके द्वारा चार गवाह पेश किए गये।जिन्होंने अभियोजन की कहानी का समर्थन किया।आरोपी मंजुल मित्तल ने अपने ऊपर लगे आरोपों को अस्वीकार किया और अपने केस को लड़ने की मांग की।अभियुक्त पक्ष के अधिवक्ता रोहित कार्की व विनोद फुलारा ने माननीय न्यायालय के सम्मुख पैरवी की,कहा कि आरोपी को झूठा फंसाया गया हैं और अभियोजन के गवाहों का परीक्षण करा जिनमें अभियोजन के गवाहों में गंभीर विरोधाभाष सामने आया। जिसने घटना को संदेह की परिधि में लाकर खड़ा किया।माननीय न्यायालय ने समस्त तथ्यों एवम् परिस्थितियों और पत्रावली पर उपलब्ध मौखिक एवम् दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी मंजुल मित्तल को धारा 60 आबकारी अधिनियम के अपराध में संदेह का लाभ प्रदान करते हुए दोषमुक्त किया।
