अल्मोड़ा-छात्रनेता पुनीत प्रभात ने आज कुलपति को को ज्ञापन प्रेषित किया।ज्ञापन के माध्यम से कहा गया कि कुछ समय पूर्व ही कुमाऊं विश्वविद्यालय द्वारा चतुर्थ सेमेस्टर का परीक्षा फल घोषित किया गया था। जैसा कि सर्वविदित है कि चतुर्थ सेमेस्टर में छात्र-छात्राओं को प्रोन्नत किया गया था,जिस हेतु विद्यार्थियों से केवल असाइनमेंट प्रयोगात्मक कार्य लिए गए थे तथा उसके ही माध्यम से विद्यार्थियों को प्रोन्नत किया गया।परीक्षाफल घोषित होने के तुरंत बाद से ही छात्र छात्राओं का लगातार एक ही कहना है कि उनके द्वारा प्रयोगात्मक कार्य असाइनमेंट समय से जमा किए गए थे,लेकिन उनका परीक्षाफल अपूर्ण आया है।कहीं पर एमएम (MM) मार्क्स मिसिंग तो कहीं पर कुछ और।उनके द्वारा इस विषय में प्रार्थना पत्र भी दिया गया था कि इस संबंध में छात्र-छात्राओं की समस्या का समाधान किया जाए किंतु प्रशासन द्वारा इस ओर कुछ भी ध्यान नहीं दिया गया।कहा गया कि आप हमारे प्रदेश के आर्थिक हालातों से भलीभांति वाकिफ हैं।जिन कठिनाइयों से अभिभावक छात्र-छात्राओं की पढ़ाई का व्यय वहन करते हैं उसमें काफी अधिक मुसीबतों का सामना करना पड़ता है और ऐसी स्थिति में विश्वविद्यालय द्वारा छात्र छात्राओं के साथ इस तरह का व्यवहार निंदनीय मालूम पड़ता है।हम यह नहीं कहते कि प्रत्येक छात्र छात्रा द्वारा असाइनमेंट प्रयोगात्मक कार्य जमा ही किया गया होगा और इसकी सत्यता पर कोई सवाल नहीं करते किंतु हम आपसे निवेदन करते हैं कि इस विषय में छात्र-छात्राओं के हितों को ध्यान में रखते हुए और उनके परीक्षाफल में हुई गड़बड़ी को देखते हुए प्रत्येक विषय में विभाग द्वारा छात्र छात्राओं को दिए गए अंक या फिर विभाग द्वारा चेक सिस्टम अर्थात कि विश्वविद्यालय प्रशासन प्रत्येक विभाग को आदेशित करें कि वह जिन छात्र छात्राओं के द्वारा असाइनमेंट जमा किया गया था वह लिस्ट आउट करें।ताकि प्रत्येक छात्र छात्राएं देख सके कि क्या विभाग द्वारा उनके अंक भेजें भी गए या उन्हें यूं ही बरगलाया जा रहा है।इस बात को हम कुछ दिनों से विश्वविद्यालय प्रशासन तक पहुंचाना चाह रहे हैं किंतु लगातार छात्र हितों की बात को अनसुना किया जा रहा है।अगर अब समय रहते मांग नहीं सुनी गई तो छात्र समुदाय उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा क्योंकि छात्र छात्राओं का परीक्षा फल ही उनका भविष्य तय करता है। छात्र समुदाय की बातें ना माने जाने पर हुई किसी भी घटना का जिम्मेदार विश्वविद्यालय प्रशासन या परिसर प्रशासन को ठहराएगा।जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी आपकी होगी।
