अल्मोड़ा-आज यहां से 30 किलोमीटर दूर चनोली गांव में पर्वतीय कृषि रक्षा समिति की बैठक में कृषि के विकास के लिए वैज्ञानिकों के शोध पर्वतीय क्षेत्र के किसानों के खेतों तक न पहुंच पाने पर चिंता व्यक्त की गयी। सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के मानकों के पर्वतीय क्षेत्रों के अनुरूप न होने की बात बैठक में उठाई गयी।बैठक में जंगली,आवारा जानवरों के साथ साथ कुरी,बांस पांसा,गाजर घास के उन्मूलन की भी मांग की गयी। बैठक में सरकार की कृषि विकास के लिए चल रही विभिन्न योजनाओं में उक्त कार्यों को प्राथमिकता देने की मांग की गयी।बैठक में चनोली गांव के अग्यारा एवं चौना तोक में घेरबाड़ किये जाने की मांग की गयी। इन तोकों की भूमि अत्यंत उपजाऊ है लेकिन जंगली आवारा जानवरों के प्रकोप से इन स्थानों में खेती नाम मात्र को हो रही है।बैठक में मनिआगर नगरखान मोटर मार्ग में शीघ्र डामरीकरण की मांग भी की गयी।बैठक में नशे की समस्या पर चर्चा करते हुए कहा गया कि ग्राम वासियों ने गांव में अबैध शराब की बिक्री पर रोक लगा रखी है। सरकार से इसके लिए ठोस उपाय किए जाने की मांग की गयी।आज बैठक में ब्रह्मानन्द डालाकोटी,हरीश डालाकोटी,के डी मिश्रा,पूरन सिंह,गंगा सिंह,बिशन सिंह,राजेन्द्र सिंह भूपाल राम,उमेश सिंह राजेन्द्र सिंह,भूपाल सिंह,बसंत सिंह,ललित सिंह आदि उपस्थित रहे।

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