अल्मोड़ा-अल्मोड़ा में मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक की व्यवस्थाएं सुधारने की मांग को रेडक्रॉस द्वारा जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की गई है। रेडक्रॉस पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि ब्लड बैंक द्वारा दूर-दराज से आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है।ज्ञापन में कहा गया कि विशेष रूप से बागेश्वर, पिथौरागढ़ एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को ब्लड लेने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। आरोप है कि कई मामलों में मरीजों के तीमारदारों के आधार कार्ड तक जब्त कर लिए जाते हैं, जो न केवल अमानवीय है बल्कि नियमों के भी विरुद्ध है।रेडक्रॉस ने इस पूरे मामले को गंभीर मानते हुए जिलाधिकारी से तत्काल हस्तक्षेप कर कार्रवाई करने की मांग की।उन्होंने कहा कि ब्लड बैंक जैसी आपातकालीन सेवा में इस तरह की लापरवाही और दुर्व्यवहार कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने त्वरित संज्ञान लेते हुए शुक्रवार को ब्लड बैंक की आपातकालीन बैठक बुला ली है।इस बैठक में स्वास्थ्य विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारियों को उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।अब देखना होगा कि इस बैठक के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है और मरीजों को राहत मिल पाती है या नहीं।यूथ अध्यक्ष अमित साह मोनू ने कहा कि भाजपा सरकार ने जनहित में अल्मोड़ा में मेडिकल कॉलेज खोलने का काम किया था ताकि मरीजों को आसानी से रक्त उपलब्ध हो सके लेकिन ब्लड बैंक की अमानवीय हरकतों से सरकार के इस जनहित के कार्य को भी पलीता लग रहा है जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।जिलाधिकारी से मिल ज्ञापन सौंपने वालो में रेडक्रॉस अध्यक्ष आशीष वर्मा, रेडक्रॉस प्रांतीय उपाध्यक्ष मनोज सनवाल ,पूर्व स्वास्थ्य निदेशक डॉ जे सी दुर्गापाल, यूथ रेडक्रॉस अध्यक्ष अमित साह मोनू ,यूथ रेडक्रॉस उपाध्यक्ष अर्जुन बिष्ट चीमा, यूथ रेडक्रॉस उपसचिव अभिषेक जोशी ,हरीश कनवाल,अनूप साह उपस्थित रहे।
