अल्मोड़ा-धीरेन्द्र कुमार पाठक प्रदेश कोर कमेटी सदस्य
एन एम ओ पी एस उत्तराखंड ने प्रेस को जारी एक बयान में कहा कि भारत सरकार द्वारा बजट में पुरानी पेंशन बहाली को लेकर कोई घोषणा नहीं करना निश्चित रूप से कर्मचारियों के साथ धोखा ही है।पुरानी पेंशन बहाली को लेकर अखिल भारतीय स्तर पर आंदोलन की आवश्यकता है।सरकार की हठधर्मिता का जबाब देना जरूरी है।भारत के प्रधानमंत्री,सभी राज्यों के मुख्यमंत्री,विधायक,सांसदों द्वारा पुरानी पेंशन ली जायेगी किन्तु 2005 के बाद नियुक्त कार्मिकों को पुरानी पेंशन नहीं मिलेगी।एक देश में दो विधान किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किए जायेंगे।संविधान का भी पालन नहीं किया जा रहा है।किसी भी तरह के संशोधन से पुरानी पेंशन को स्वीकार नहीं करना चाहिए।जिस पेंशन से 2005 से पूर्व नियुक्त कार्मिक अच्छादित है उसी पेंशन के लिए निर्णायक आंदोलन चलाया जाना चाहिए।विजय बंधु का संघर्ष जरूर रंग लायेगा।अब निर्णायक आंदोलन की आवश्यकता है।2005 से पूर्व नियुक्त सभी कार्मिकों को भी सहयोग करना चाहिए।सोचने की बात है 1947 से 2005 तक किसी भी राज्य सरकार व केन्द्र सरकार को पुरानी पेंशन देकर घाटा नहीं हुआ और अब जब जी एस टी से लेकर व हर सामान में टैक्स है तब कार्मिकों के लिए पेंशन नहीं है इसका सीधा मतलब हठधर्मिता ही है जो दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है।

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