अल्मोड़ा-नगर निगम पर इस वित्तीय वर्ष में लगभग 22 करोड़ रुपये खर्च न किए जाने के लगाए जा रहे आरोपों का नगर आयुक्त सीमा विश्वकर्मा ने खंडन किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस धनराशि को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं, वह राज्य वित्त आयोग की मद से प्राप्त राशि है, जिसका उपयोग विकास कार्यों में नहीं बल्कि कर्मचारियों की पेंशन, वेतन और अन्य अनिवार्य भुगतान के लिए किया जाता है।
नगर आयुक्त ने कहा कि बिना पूरी जानकारी के नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं, जो तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है। उन्होंने बताया कि राज्य वित्त आयोग से मिलने वाली धनराशि का मुख्य उद्देश्य नगर निकायों के कर्मचारियों के वेतन, पेंशन और अन्य प्रशासनिक खर्चों की पूर्ति करना होता है। इसलिए इस धन को विकास योजनाओं में खर्च करना संभव नहीं होता।सीमा विश्वकर्मा ने कहा कि नगर निगम द्वारा विकास कार्यों के लिए अन्य मदों से प्राप्त बजट का नियमानुसार उपयोग किया जा रहा है और शहर के विकास से जुड़े कार्य लगातार जारी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम पारदर्शिता के साथ कार्य कर रहा है और जनता को भ्रमित करने वाली बातों से बचना चाहिए।उन्होंने कहा कि नगर निगम की प्राथमिकता शहर की मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाना है और इसके लिए उपलब्ध संसाधनों का नियमों के अनुसार उपयोग किया जा रहा है।
