अल्मोड़ा-युवा छात्र नेता गोपाल भट्ट ने प्रैस को जारी बयान में कहा कि सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय में अतिथि व्याख्याता एवं संविदा शिक्षक जो वर्षों से यहां कार्य कर रहे हैं तथा जो विश्वविद्यालय के सभी कार्यों का संपादन कर रहे हैं उनके लिए
सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जुलाई माह 2024 में अपनी मनमानी करते हुए एक फरमान जारी किया गया जो अतिथि व्याख्याताओं को लगता हैं कि उनके हितों के खिलाफ हैं जिस प्रकार अनुबंध की शर्ते हैं। उन्होंने कहा कि व्याख्याताओ के भविष्य सुरक्षित करने के बजाय विश्वविद्यालय एक तरफा शर्ते थोपने का कार्य कर रहा है।युवा नेता गोपाल भट्ट ने कहा कि अतिथि व्याख्याताओ का भविष्य सुरक्षित होना चाहिए।आज तक विश्वविद्यालय में सारे काम अतिथि व्याख्याताओ द्वारा किए जाते रहे हैं,उनके साथ एकतरफा एवं मनमानी शर्ते थोपना गलत हैं।जितना अनुबंध की शर्ते पढ़ी और समझी वो वास्तव में एकतरफा हैं
उन्होंने अनुरोध किया है कि विश्वविद्यालय प्रशासन इस जारी अनुबंध पत्र पर विचार करे और व्याख्याताओ से वार्ता करके उनके हित को देखते हुए इसमें संशोधन करें।विश्वविद्यालय को राजनीतिक अखाड़ा ना बनाएं।विश्वविद्यालय में गांवों के किसानों और गरीबों के बच्चे पढ़ने आते हैं यह सुनिश्चित किया जाए कि पठन पाठन प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि विश्व विद्यालय प्रशासन को छात्र हित, विकास कार्यों एवं शैक्षणिक कार्यों पर ध्यान देना होगा।

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