अल्मोड़ा-तीन माह से अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों को वेतन प्राप्त नहीं हो पाया है इसकी खबर होने के बावजूद न तो सत्ता पक्ष को न ही विपक्ष को न शासन और न
ही प्रशासन को कोई मतलब है। उत्तराखंड निर्माण के लिए किया गया संघर्ष कहीं बाट जोह रहा है।पहले ग्रान्ट के बिलम्ब होने पर टी आर 27 की व्यवस्था थी।उसे भी समाप्त कर दिया गया है क्योंकि इसकी जरूरत न तो नेताओं को है और न ही नौकरशाही को।ये कहना है शिक्षा समन्वय समिति के अध्यक्ष डा०मनोज कुमार जोशी का।उन्होंने आगे कहा कि हम शासन से मांग करते हैं कि तुरन्त रोके गये वेतन का भुगतान किया जाय और भविष्य में भी माह की पहली तारीख को वेतन भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाय।साथ ही जिलों में टी आर 27 की व्यवस्था को पुनः बहाल किया जाय जिसका अपरिहार्य स्थिति में प्रयोग हो सके।प्रदेश में ऐसी व्यवस्था हो जब तक विभाग के सभी कार्मिकों का वेतन आहरित न हो सम्बन्धित विभाग के अधिकारियों व नौकरशाहों का भी वेतन न मिले।साथ ही उत्तरदायित्व भी निश्चित किया जाय।इस संदर्भ में जिलाधिकारी कार्यालय के माध्यम से एक ज्ञापन मुख्य सचिव उत्तराखंड को प्रेषित किया गया।ज्ञापन प्रेषित करते समम समिति के सचिव धीरेन्द्र पाठक, महिपाल सिंह राजपूत,निर्मल सिंह,अशोक रावत,राजेश आर्या, सुनील सिंह,श्रीमती निर्मला रावत, अलेखा साह कपिल,जीवन लाल,गिरीश पाण्डे आदि अपस्थित रहे।
