अल्मोड़ा- विश्वविद्यालय के कुलपति के प्रयासों का असर अब धरातल पर दिखना प्रारंभ हो गया है।इसका उदाहरण आज हुआ एमओयू करार है।आज सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय और जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय,पंतनगर के साथ समझौता ज्ञापन में हस्ताक्षर हो गए हैं।जीबी पंतनगर कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के बीच शोध एवं शैक्षिक गतिविधियों को लेकर हुए एमओयू में सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा के कुलपति प्रो सतपाल सिंह बिष्ट और जीबी पंत विश्वविद्यालय,पंतनगर की ओर से कुलपति डॉ मनमोहन सिंह चौहान ने हस्ताक्षर किए।देश के सर्वोत्कृष्ट शैक्षिक संस्थान के साथ बहुप्रतीक्षित एमओयू के हस्ताक्षर होने पर सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो सतपाल सिंह बिष्ट ने प्रसन्नता जताई है।उन्होंने कहा कि यह एक बहुप्रतीक्षित एमओयू है।इसके होने से हमारे विद्यार्थी,पीएचडी स्कॉलर्स और फैकल्टी को लाभ होगा। हमारे विद्यार्थी और शोधार्थी पंतनगर और उत्तराखंड भर में स्थित इसके कृषि विज्ञान केंद्रों में कौशल प्रशिक्षण जैसे गतिविधियों में शामिल होकर प्रशिक्षित होंगे।उन्होंने कहा कि हमारे विद्यार्थी कृषि एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र से संबंधित विभिन्न विषयों पर शोध कर सकते हैं।हमारे विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को इस महत्वपूर्ण संस्थान के अनुभवी शिक्षकों/फ़ैकल्टी के अनुभवों का लाभ मिलेगा। वे कृषि एवं तकनीक क्षेत्र में हो रहे नए अनुसंधानों से परिचय प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि आगामी वर्षों में सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय बीएससी एग्रीरिकल्चर जैसे महत्वपूर्ण पाठ्यक्रम संचालित करने की दिशा में भी कार्य कर रहा है।निश्चित ही हमारे इन पाठ्यक्रमों में अध्ययन करने आने वाले विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा,कुलपति प्रो बिष्ट ने आगे कहा कि देश के इस उत्कृष्ट संस्थान से एम ओ यू होने से छात्रों के पीएचडी स्कॉलर्स और फैकल्टी को शोध की दिशा में प्रयोगशालाओं का लाभ मिलेगा।विद्यार्थी पंतनगर और उत्तराखंड भर में स्थित इसके कृषि विज्ञान केंद्रों में कौशल प्रशिक्षण भी शामिल है।उन्होंने समझौता ज्ञापन और शैक्षणिक सहयोग के लिए जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर के कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान और कुलसचिव डॉ दीपा विनय का आभार जताया।

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