अल्मोड़ा-नगर के ऐतिहासिक सिमकनी मैदान में आगामी 22 फरवरी 2026 को भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।यह कार्यक्रम मां नंदा हिंदू सम्मेलन समिति के तत्वाधान में आयोजित किया जा रहा है।आयोजकों के अनुसार सम्मेलन का उद्देश्य हिंदू समाज को एक मंच पर एकत्रित कर सामाजिक, सांस्कृतिक और वैचारिक विषयों पर विचार-विमर्श करना है।सम्मेलन को लेकर नगर एवं आसपास के क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।आयोजन समिति के प्रमुख सदस्यों में मनोज सावल, डॉ चंद्र प्रकाश फुलोरिया,दीपक पांडे,अमित साह मोनू,देवाशीष नेगी,कैलाश गुरुरानी,मनोज तिवारी,सुनील कर्नाटक,बीना नयाल और मनोज पवार शामिल हैं।सभी सदस्य कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विभिन्न जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं।आयोजकों ने बताया कि यह सम्मेलन केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक जागरूकता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का भी एक प्रयास है।सम्मेलन के माध्यम से हिंदू समुदाय को एकजुट कर हिंदू राष्ट्र के निर्माण जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी।साथ ही समाज में व्याप्त चुनौतियों, सांस्कृतिक संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों को परंपराओं से जोड़ने जैसे मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होगा।सम्मेलन के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा।स्थानीय कलाकारों द्वारा पारंपरिक लोकनृत्य,भजन-कीर्तन और देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति दी जाएगी।आयोजकों का कहना है कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।कार्यक्रम में बच्चों और युवाओं की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रस्तुतियों की भी योजना बनाई गई है।इससे न केवल कार्यक्रम में उत्साह का वातावरण बनेगा, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं के महत्व का संदेश भी मिलेगा।इस सम्मेलन में बाइक रैली से जनजागरण किया जाएगा।सम्मेलन से पूर्व नगर में एक विशाल बाइक रैली भी निकाली जाएगी। बाइक रैली के संयोजक अमित शाह मोनू के अनुसार यह रैली नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरेगी और लोगों को सम्मेलन में भाग लेने के लिए आमंत्रित करेगी।रैली का उद्देश्य समाज में एकता और जागरूकता का संदेश देना है।रैली में बड़ी संख्या में युवाओं के भाग लेने की संभावना जताई जा रही है। इसके लिए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन से भी समन्वय स्थापित किया जा रहा है ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।सम्मेलन में विभिन्न धर्मगुरु,संत-महात्मा और समाजसेवी भी अपने विचार रखेंगे।आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम में ऐसे वक्ताओं को आमंत्रित किया गया है जो हिंदू संस्कृति, इतिहास और वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों पर सारगर्भित मार्गदर्शन देंगे।वक्ताओं द्वारा हिंदू समाज की एकता,सांस्कृतिक संरक्षण, सामाजिक समरसता और नैतिक मूल्यों के महत्व पर विशेष जोर दिया जाएगा।साथ ही युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।आयोजकों ने बताया कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना है। उनका कहना है कि वर्तमान समय में सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना की आवश्यकता पहले से अधिक है। सम्मेलन के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाकर आपसी संवाद और सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने सभी नागरिकों से कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।डॉ. चंद्र प्रकाश फुलोरिया ने कहा कि सांस्कृतिक विरासत को सहेजना और आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।इस प्रकार के आयोजन समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं।दीपक पांडे और अमित साह ‘मोनू’ ने बताया कि सम्मेलन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और विभिन्न समितियों का गठन कर कार्यों का विभाजन किया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि कार्यक्रम ऐतिहासिक और सफल होगा।नगर के विभिन्न सामाजिक संगठनों और व्यापारिक वर्ग ने भी सम्मेलन को लेकर समर्थन व्यक्त किया है।आयोजकों का कहना है कि अल्मोड़ा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग सम्मेलन में भाग लेंगे।
सम्मेलन स्थल पर बैठक व्यवस्था,पेयजल,स्वास्थ्य सुविधा और सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। आयोजकों ने प्रशासन से सहयोग की अपेक्षा जताई है ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके।सम्मेलन में युवाओं की भागीदारी को विशेष महत्व दिया जा रहा है।आयोजकों का मानना है कि युवा पीढ़ी ही समाज का भविष्य है और उन्हें सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है।कार्यक्रम में युवाओं के लिए प्रेरक वक्तव्य और संवाद सत्र भी आयोजित किए जाएंगे।बीना नयाल और सुनील कर्नाटक ने बताया कि महिलाओं और युवतियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि समाज की प्रगति में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है और उन्हें हर मंच पर समान अवसर मिलना चाहिए।आयोजन समिति ने सभी प्रतिभागियों से अपील की है कि वे कार्यक्रम में अनुशासन और शांति बनाए रखें। समिति का कहना है कि यह सम्मेलन सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बने, इसके लिए सभी का सहयोग आवश्यक है।22 फरवरी को सिमकनी मैदान में होने जा रहा यह भव्य हिंदू सम्मेलन नगर में चर्चा का विषय बना हुआ है।आयोजकों को उम्मीद है कि यह कार्यक्रम सामाजिक एकता,सांस्कृतिक जागरूकता और सकारात्मक संवाद की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

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