अल्मोड़ा-सामाजिक मान्यता में वैवाहिक बंधन को अलौकिक शक्ति द्वारा निर्धारित रिश्ता माना जाता है।इन मान्यताओं को झुठलाया भी नहीं जा सकता है। अल्मोड़ा की बेटी का यहां से हजारों किमी दूर फ्रांस में वैवाहिक रिश्ता होना से इन मान्यताओं को और मजबूती मिलती है।हिंदू रीति-रिवाज से श्रीपूर्णा फ्रांस निवासी औहरेलियें के साथ अल्मोड़ा में सात फेरे लेंगी।नगर के चीनाखान निवासी ओएनजीसी से रिटायर्ड डीजीएम ध्रुव रंजन जोशी और प्रतिभा जोशी की पुत्री श्रीपूर्णा का फ्रांस निवासी औहरेलियें गैरेंपो के साथ 12 फरवरी को कसार देवी के रिजॉर्ट में हिंदू रीति-रिवाज से विवाह होना है।श्रीपूर्णा ने दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में बैचलर डिग्री प्राप्त की है। उन्होंने भारतीय विद्या भवन दिल्ली से टेलीविजन और फिल्म प्रोडक्शन में पोस्ट ग्रेजुएशन किया।इसके बाद ग्राफिक डिजाइन में डिप्लोमा कोर्स किया।उन्होंने साल 2020 में फ्रांस की टू लूज यूनिवर्सिटी से मार्केट मनेजिंग एंड कम्युनिकेशन विषय में मास्टर आफ साइंस की डिग्री (एमएससी) हासिल की। 2021 में फ्रांस की स्किपर कंपनी ने उन्होंने डाटा एनालिस्ट के तौर पर मैनेजर एंड एनालिटिक्स कन्वर्जन डिपार्टमेंट में नौकरी हासिल की।करीब 5 साल से फ्रांस में रह रही अल्मोड़ा की बेटी (भारतीय नागरिक) श्रीपूर्णा अब फ्रांस निवासी एनालिस्ट मैनेजर औहरेलियें गैरेंपो की जीवन साथी बनने जा रही हैं।श्रीपूर्णा के पिता ध्रुव रंजन जोशी ने बताया 12 फरवरी को कसार देवी की रिसोर्ट में हिंदू रीति रिवाज से विवाह होना है।विवाह के लिए दुल्हे के अलावा वर पक्ष के 20 से अधिक लोग अल्मोड़ा पहुंच रहे हैं।उन्होंने कहा बदलती तकनीक,शिक्षा के प्रसार प्रसार, नौकरी,व्यापार आदि सहित वैवाहिक बंधन में भी भौगौलिक दूरियां समाप्त कर दी हैं।आधुनिक पीढ़ी जाति बंधन के बजाय गुण दोष के आधार पर जीवन साथी तय कर रहे हैं जो मानव धर्म के लिहाज से उचित भी है।

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