अल्मोड़ा-लोकसंस्कृति को संजोने और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने के उद्देश्य से ग्रीन हिल्स ट्रस्ट द्वारा अल्मोड़ा लिट्रेचर फेस्टिवल के अंतर्गत मंगलवार को एक विशेष एकल कुमाऊँनी लोकगीत गायन प्रतियोगिता का आयोजन शहर के प्रतिष्ठित शिखर होटल में किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 9:30 बजे हुआ।इस अवसर पर मुख्य अतिथि नवीन बिष्ट और विशिष्ट अतिथि दीवान कंवल ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की और लोकसंस्कृति के संरक्षण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।प्रतियोगिता में क्षेत्र के 22 विद्यालयों के 80 से अधिक बच्चों ने भाग लिया और पारंपरिक कुमाऊँनी लोकगीतों की मधुर प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया।गीतों में पहाड़ की संस्कृति,प्रेम,विरह,प्रकृति और पारंपरिक जीवनशैली की झलक देखने को मिली।कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के रूप में दिनेश पांडेय वैद्य,अशोक पांडेय,मोहन जोशी, राजेन्द्र तिवारी और अमरनाथ भट्ट भी उपस्थित रहे।इसके अलावा बड़ी संख्या में शिक्षक,अभिभावक एवं सांस्कृतिक प्रेमियों ने कार्यक्रम में सहभागिता की।प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में अनिल सनवाल, भावना पांडेय,जीवन चंद्र आर्य शामिल रहे।दोपहर 1:30 बजे प्रतियोगिता का द्वितीय सत्र सर्वसाधारण ( 10- 18 आयु वर्ग) के लिए खोला गया, जिसमें 12 प्रतिभागी शामिल थे।जहाँ दर्शकों ने खुलकर प्रतिभागियों की सराहना की और लोकगीतों के साथ भावनात्मक रूप से जुड़ाव दर्शाया।इस प्रतियोगिता में अल्मोड़ा शहर के अतिरिक्त पेटशाल से भी स्कूली बच्चों ने आकर प्रतिभाग किया।ग्रीन हिल्स ट्रस्ट द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम न केवल विद्यार्थियों के लिए एक सृजनात्मक मंच बना बल्कि कुमाऊँ की लोकसंस्कृति को सहेजने और आगे बढ़ाने की दिशा में एक प्रेरणादायक प्रयास भी के रूप में भी देखा गया।इस प्रतियोगिता का आयोजन शिखर होटल एवं मेडिकल हॉल के सहयोग से किया गया।इस प्रतियोगी के परिणाम 10,12 अक्टूबर को मल्ला महल में आयोजित होने वाले अल्मोड़ा लिट्रेचर फेस्टिवल-2025 के मंच से घोषित किए जाएंगे।कार्यक्रम का संचालन मीनाक्षी पाठक द्वारा किया गया।इस दौरान आयोजक टीम से डॉ वसुधा पंत,डॉ दीपा गुप्ता,मनोज गुप्ता, राजेश बिष्ट,दीपक जोशी,भूषण पांडे, आदित्य बोरा,वंशिका वोहरा,हर्षिता आदि शामिल रहे।

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