अल्मोड़ा-नन्दादेवी मेला समिति ने आज एक प्रैस वार्ता कर इस बात में गहरा रोष व्यक्त किया कि इस बार नन्दादेवी के मेले में एडम्स का मैदान मेला समिति को नहीं मिल पाया।मेला समिति के मनोज सनवाल ने कहा कि नन्दादेवी के सीमित परिसर में मेला कराना कैसे सम्भव होगा? उन्होंने कहा कि आगामी 3 सितम्बर को नन्दादेवी मेला समिति एक बैठक करेगी और तय करेगी कि इतने छोटे परिसर में मेला कैसे कराया जाए। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को ना जाने क्या दुरबुद्धि आयी कि उन्होंने एडम्स मैदान को नंदादेवी के मेले को देने में अपना विरोध दर्ज कर दिया।समिति के अध्यक्ष मनोज वर्मा ने कहा कि हमारी मंशा केवल मां की पूजा करना और सांस्कृतिक कलाकारों को आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि उनका एकमात्र उद्देश्य मेले को भव्य बनाने का है। उन्होंने कहा कि नन्दादेवी परिसर में स्थान सीमित है इसलिए विगत पांच वर्षों से एडम्स परिसर में भी मेला कराकर मेले को भव्य रूप देने की एवं भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की जाती आ रही है। उन्होंने कहा कि एडम्स परिसर से जो आय होती है उससे समिति मेला संचालित करती है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का भी मेला समिति को अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि नन्दा देवी मेला परिसर की आय केवल साढ़े चार लाख रूपये है।मेले की शुरुआत में आने वाले जगरियों को चौबीस हजार रूपये नकद भुगतान किया जाता है इसके साथ ही उनके कौसानी से आने जाने,खाने पीने का खर्चा भी समिति वहन करती है जो लगभग पैंतीस हजार रूपये होता है। उन्होंने कहा कि इस नन्दा देवी मंदिर से कितने अच्छे कलाकार निकल कर सामने आये हैं। उन्होंने कहा कि मेला समिति एडम्स स्कूल को डेढ़ लाख रूपये का भुगतान तक फील्ड के किराये के रूप में करती आ रही है। उन्होंने कहा कि पचास हजार रूपया फील्ड की सफाई के लिए लगता है।इसके साथ ही माईक, साउण्ड तीन लाख रूपये का आता है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष नब्बे कलाकार जो यहां मेले में आए थे उनके रहने खाने की व्यवस्था में ही लाख रूपये से अधिक‌ का खर्चा आता है। उन्होंने प्रशासन और सरकार को चेताते हुए कहा कि एडम्स का मैदान नन्दादेवी मन्दिर समिति को नहीं मिल पाया।अब नन्दा देवी परिसर में होने वाले मेले की समस्त जिम्मेदारी जिलाधिकारी एवं जिला प्रशासन की होगी। उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा की एक संस्था कहती हैं कि अल्मोड़ा के किसी भी विद्यालय में कोई मेले नहीं होने चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा ही रहा तो भविष्य में राजनीतिक पार्टियों की रैलियां,दशहरे,होली के लिए कहां स्थान होगा। उन्होंने कहा कि यदि जिला प्रशासन चाहता तो एडम्स का मैदान मन्दिर समिति को दे सकता था लेकिन प्रशासन ने मन्दिर समिति को कोई सहयोग नहीं किया। उन्होंने कहा कि उसी संस्था के द्वारा कुमाऊं महोत्सव को भी एक विद्यालय के मैदान में नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि इस बार नन्दादेवी मेले की यदि समस्त जिम्मेदारी जिला प्रशासन लेता है तो ठीक है वरना इस बार नन्दा देवी समिति मेले से हाथ पीछे खींचने को मजबूर होगी। उन्होंने कहा कि वे अल्मोड़ा के व्यापारियों के पास भी जाएंगे और मन्दिर समिति के समर्थन में एक दिन के बाजार बन्द का आह्वाहन करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल नन्दादेवी मंदिर समिति को एडम्स का मैदान देने का पुरजोर विरोध कर रहा है जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि समिति के द्वारा समस्त जनप्रतिनिधियों एवं जिलाधिकारी से भी गुहार लगाई गयी लेकिन किसी ने समिति की नहीं सुनी।प्रैस वार्ता में अध्यक्ष मनोज वर्मा,सचिव मनोज सनवाल, हरीश कनवाल,भाजपा नगर अध्यक्ष अमित साह मोनू, उपाध्यक्ष तारा चन्द्र जोशी, राजेंद्र बिष्ट, अमरनाथ नेगी,गीता मेहरा,मीना भैंसोड़ा,दिनेश गोयल, अर्जुन बिष्ट,अनूप साह,मुन्ना वर्मा,जगत तिवारी आदि उपस्थित रहे।

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