अल्मोड़ा-जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शचि शर्मा ने न्यायालय परिसर में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान जानकारी दी कि राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के निर्देशों और जनपद न्यायाधीश तथा अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीकांत पांडे के मार्गदर्शन में आगामी 8 मार्च को जनपद के सभी न्यायालयों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस लोक अदालत में मामलों का निस्तारण आपसी सुलह और समझौते के आधार पर किया जाएगा, जिससे न्यायिक प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाया जा सकेगा। सचिव शचि शर्मा ने बताया कि गत 14 दिसंबर को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में उत्तराखंड ने 99.73 प्रतिशत लंबित मामलों के निस्तारण का रिकॉर्ड बनाकर प्रथम स्थान हासिल किया था। आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में भी अधिक से अधिक मामलों के निस्तारण का लक्ष्य रखा गया है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए अब तक बैंक, बीमा कंपनियों के अधिकारियों, वरिष्ठ अधिवक्ताओं, बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों, पुलिस विभाग और परिवहन विभाग के साथ दो लोक अदालत पूर्व बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं। राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रचार-प्रसार के लिए विभिन्न विधिक जागरूकता शिविरों में लोगों को इस बारे में जागरूक किया जा रहा है। सचिव ने यह भी बताया कि लोक अदालत में उन्हीं मामलों को निस्तारण के लिए शामिल किया जाता है, जिनका समाधान आपसी सुलह और समझौते के माध्यम से विधि सम्मत तरीके से किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि यदि मामले में अदालत में न्याय शुल्क (कोर्ट फीस) जमा किया जा चुका हो और उसका निस्तारण लोक अदालत के माध्यम से किया जाता है, तो संबंधित पक्षकार को जमा किया गया न्याय शुल्क पूर्णतः वापस कर दिया जाता है। बताया कि इसके अतिरिक्त,शमनीय प्रवृत्ति के ऐसे मामले भी लोक अदालत में निस्तारित किए जाएंगे जो अभी तक न्यायालय में दाखिल नहीं हुए हैं। सचिव शचि शर्मा ने जनता से अपील की कि जो भी व्यक्ति अपने मामलों का निस्तारण राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से कराना चाहते हैं, वे लोक अदालत की तिथि से एक कार्य दिवस पूर्व तक किसी भी कार्यदिवस में संबंधित न्यायालय में स्वयं या अपने अधिवक्ता के माध्यम से आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।
