अल्मोड़ा-आज आम आदमी पार्टी ने उत्तराखंड में बढ़ते बिजली बिलों के कारण पीड़ित व्यापारी वर्ग के लिए के लिए दान मांगा।उत्तराखंड विद्युत उत्पादन का एक बड़ा केंद्र है जहां से अलग-अलग राज्यों को विद्युत दी जाती है एवं अन्य राज्य उत्तराखंड से विद्युत खरीदने के बाद अपनी जनता को विद्युत कम दरों पर उपलब्ध करा रहे हैं एवं दिल्ली जैसे राज्य मुफ्त में जनता को विद्युत दे रहे हैं वहीं उत्तराखंड जहां विद्युत उत्पादन हो रहा है।अपनी जनता को बढ़ती दरों पर विद्युत बेच रहा है जिस कारण से उत्तराखंड की जनता एवं व्यापारी वर्ग पीड़ित है।अगर सिर्फ व्यापारी वर्ग की बात करें तो जहां जीएसटी के कारण और उसके बाद कॉविड काल में व्यापार पूरी तरीके से चौपट हो गया है। इस दुखद स्थिति में भी उत्तराखंड की निष्ठुर भाजपा सरकार ने बिजली के दामों में अप्रत्याशित वृद्धि कर व्यापारी वर्ग के सामने घोर संकट पैदा कर दिया है।आम जनता और व्यापारी वर्ग की इस दयनीय स्थिति का संज्ञान लेते हुए आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने चौक बाजार में इस जनता की पैसों की भूखी हो चुकी सरकार का पेट भरने के लिए आम जनता से दान मांगा।इस मौके पर फड़ एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन चंद्र आर्य ने कहा कि जहां एक तरफ कोरोना महामारी ने विगत 2 वर्षों से व्यापारी वर्ग की आमदनी खत्म कर दी है वही सरकार ने अपने आमदनी बढ़ाने के लिए बिजली के दामों की बढ़ोतरी कर दी है।जिसके कारण हर व्यापारी वर्ग व्यापार बंद करने के कगार पर है अगर यह सरकार ऐसे ही तुगलकी फरमान जारी करते रहे तो जल्द ही भुखमरी की नौबत आ जाएगी।वहीं लघु उद्योग व्यापारी अरुंदय तिवारी ने कहा कि जहां आज से पहले व्यापार पटरी पर चल रहा था वही बढ़ते बिजली के दामों के कारण व्यापार पटरी से खिसका ही नहीं बल्कि पटरी ही गायब नजर आ रही है दूर-दूर तक कोई आय के संसाधन नजर नहीं आ रहे हैं जिससे लघु व्यापारी अपने घर की रोजी रोटी के लिए भी त्राहि-त्राहि कर रहा है।साथ ही थोक व्यापारी संदीप नयाल का कहना है कि आज से पहले जहां अच्छा खासा होलसेल का व्यापार था आज हालत यह हो गई है आमदनी अठन्नी खर्चा रुपैया आज व्यापारी भुखमरी की कगार पर है जल्द ही अगर सरकार इस पर निर्णय नहीं लेती है तो व्यापारी मजबूरन आंदोलन करने पर बाध्य होगी।आप प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि बीते वर्ष से पूरा देश कोरोना महामारी से जूझ रहा है और हजारों लोग इससे जहां एक ओर हताहत हुए तो कई लोगों का रोजगार कोरोना महामारी ने छीन लिया।जिस कारण लोगों की आर्थिकी पर इसका गहरा असर पडा है लेकिन राज्य सरकार इसके बावजूद भी उपभोक्ताओं,व्यापारियों या समाज के सभी वर्गों को बिजली बिलों में छूट देने के बजाय बिजली के दाम भी बढ़ा दिए और अब उपभोक्ताओं पर अनाप शनाप बिल भेजकर अतिरिक्त बोझ डालने का काम कर रही है।उन्होंने कहा कि आज हालात ये हो गए हैं कि सरकार ने जनता का मानसिक शोषण करना भी शुरु कर दिया है।चाहे प्रदेश का आम नागरिक हो या फिर यहां का व्यापारी हर वर्ग बिजली के बढते दामों से बहुत आहत और परेशान है।उन्होंने दिल्ली सरकार का उदाहरण देते हुए कहा कि दिल्ली की केजरीवाल सरकार वहां की जनता को मुफ्त बिजली पानी मुहैया करा रही है तो ऐसे में उत्तराखंड की सरकार क्यों नहीं यहां की जनता को मुफ्त बिजली मुहैया करवा रही है।उन्होंने कहा कि सरकारों की इच्छाशक्ति हो तो सब संभव होता है।दिल्ली में दिल्ली सरकार बिजली खरीद कर अपनी जनता को मुफ्त बिजली मुहैया करवा रही जबकि उत्तराखंड तो ऊर्जा प्रदेश है।यहां बिजली पैदा होती,यहां से दूसरे प्रदेशों को सप्लाई होती फिर क्यों नहीं यहां की सरकारें जनता को मुफ्त बिजली मुहैया करवाती है।ये उत्तराखंड की जनता का हक बनता है कि सरकारों द्वारा उनको मुफ्त बिजली दी जानी चाहिए।उन्होंने बीजेपी सरकार पर जनता के हक को मारने का आरोप लगाया।उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी उत्तराखंड की जनता के साथ खड़ी है और उत्तराखंड में बढ़े बिजली के दरों,उपभोक्ताओं के अनाप शनाप बिलों को लेकर आम आदमी पार्टी पूरे प्रदेश में प्रदर्शन करने जा रही है। जिसके लिए आप कार्यकर्ता कल 7 जुलाई से पूरे प्रदेश भर में बिजली बिल आहुती अभियान चलाएगी जिसमें आप कार्यकर्ता पूरे प्रदेश में बिजली के बिल जलाएंगे।उन्होंने आगे कहा कि आगामी 9 जुलाई को आप कार्यकर्ता बिजली की मंहगी हुई दरों के खिलाफ पूरे प्रदेश में अपना विशाल प्रदर्शन करेंगे और 11 जुलाई को आप पार्टी के सभी कार्यकर्ता मंहगी बिजली के विरोध में प्रदेश की सभी 70 विधानसभाओं में बीजेपी विधायकों ,मंत्रियों के आवासों का घेराव करेंगे।इसलिए आप पार्टी सरकार को एक बार फिर से आगाह करते हुए चेतावनी देती है कि प्रदेश की जनता को दिल्ली की तर्ज पर जल्द से जल्द मुफ्त बिजली मुहैया करवाए ताकि बिजली के बढे हुए बिलों को लेकर उपभोक्ताओं को किसी तरह की कोई समस्या न हो और उत्तराखंड की जनता को उनका हक मिल सके।आम आदमी पार्टी उत्तराखंड की जनता के हकों की लड़ाई में उनके साथ खड़ी रहेगी।
