अल्मोड़ा-उत्तरांचल पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संगठन उत्तराखंड के पदाधिकारियों द्वारा कहा गया है कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पदों को पुनर्जीवित किया जाय और तब तक केवल आपसी स्थानांतरण किये जायें। चतुर्थ श्रेणी के पदों पर कटौती करने से विद्यालय व कार्यालयों में बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उत्तरांचल पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संगठन की बैठक रैमजे इंटर कालेज अल्मोड़ा में सम्पन्न हुई।जिसमें अध्यक्ष डॉ० मनोज जोशी द्वारा उपस्थित सभी पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया गया और कहा गया कि सभी समस्याओं के निस्तारण के प्रयास किए जाएंगे।बैठक में सचिव धीरेन्द्र कुमार पाठक द्वारा अवगत कराया गया कि अशासकीय विद्यालयों को अभी तक वेतन भुगतान नहीं किया गया है। जिससे शिक्षकों व कार्मिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बैठक में वक्ताओं द्वारा पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाली,गोल्डन कार्ड विसंगति दूर करने,संशोधित एसीपी प्रदान करने,चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को तृतीय एसीपी 4200 प्रदान करने व प्रधानाचार्य व प्रधानाध्यापक के पदों पर शत प्रतिशत पूर्ति करने की मांग भी उठाई क्योंकि संस्था को मुखिया विहीन नहीं होना चाहिए और विद्यालय देश के नागरिकों का निर्माण करते हैं वहां शत प्रतिशत स्टाफ होना चाहिए। बैठक में यह भी तय किया गया है कि सभी घटक संगठनों के जिला अध्यक्ष व मंत्री संगठन के पदेन पदाधिकारी होंगे।शिथिलीकरण को भी 30-6-22 से आगे विस्तारित करने की भी मांग उठाई गई जिससे समानता हो सके। बैठक में संरक्षक पी एस बोरा,जिला अध्यक्ष डा० मनोज कुमार जोशी,वरिष्ठ उपाध्यक्ष महेंद्र गुसाई,सचिव धीरेन्द्र कुमार पाठक,संगठन मंत्री एजुकेशनल मिनिस्ट्रीयल आफीसर्स एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष पुष्कर सिंह भैसोड़ा, कोषाध्यक्ष व कलक्ट्रेट मिनिस्ट्रीयल संघ के अध्यक्ष शशि पांडेय,वीरेन्द्र बिष्ट,पशु पालन विभाग संगठन के जिला अध्यक्ष श्याम चरन,लालचंद उपस्थित रहे।बैठक की अध्यक्षता डॉ० मनोज जोशी व संचालन धीरेन्द्र कुमार पाठक सचिव द्वारा किया गया।बैठक हर माह आयोजित की जाएगी और बहुत शीघ्र ही सभी कार्यालयों का संगठन के पदाधिकारियों द्वारा दौरा भी किया जायेगा।जिससे संगठनों की समस्या का अधध्यन कर निस्तारण के प्रयास किए जाएंगे और जनपद स्तर से भी सामूहिक समस्याओं को विभाग प्रांतीय संगठन व शासन के सम्मुख रखा जायेगा।किसी भी शिक्षक व कार्मिक का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।अगर किसी सदस्य को कोई भी परेशानी है तो लिखित रूप में संगठन के माध्यम से पत्र प्रस्तुत करें सभी पत्रों पर कार्यवाही की जायेगी।
