अल्मोड़ा-कम्प्यूटर विज्ञान विभाग द्वारा कुलपति प्रो० एन०एस० भण्डारी के दूरस्थ तथा ऑनलाईन शिक्षण पद्धति के व्यापक व दूरगामी दृष्टिकोण के तहत् दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारम्भ किया गया।जिसका विषय ऑनलाईन कक्षाओं हेतु व्यवहारिक प्रशिक्षण था।कार्यक्रम का मुख्य उद्द्येश्य विश्वविद्यालय स्तर पर कार्यरत शिक्षकों हेतु ऑनलाइन प्रशिक्षण हेतु उपयोग में आने वाले विभिन्न सॉफ्टवेयर,श्रृव्य-दृश्य उपकरणों का क्रियात्मक ज्ञान प्रदान करना था।कार्यशाला को आरम्भ करते हुये कार्यक्रम संयोजक डॉ० पारूल सक्सेना ने बताया कि किस प्रकार कोविड महामारी के दौरान उत्पन्न हुई विभिन्न समस्याओं के व्यवहारिक समाधान हेतु ऑनलाइन शिक्षण व्यवस्था एक सहज और उपयुक्त विकल्प के रूप में व्यापक रूप से प्रचलन में आयी।कार्यक्रम के तकनीकी सत्र के दौरान डॉ० रवीन्द्र नाथ पाठक ने ऑनलाइन कक्षाओं में छात्र-अध्यापक अंतःक्रिया के आभाषी पटल पर प्रयोग होने वाले ऑनलाइन सॉफ्टवेयर का विधिवत क्रियात्मक प्रशिक्षण प्रदान किया।तद्उपरान्त डॉ० सुशील चन्द्र भट्ट ने डिजिटल शिक्षण सामग्री को बनाने तथा व्यवस्थित करने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत रूप से क्रियात्मक प्रशिक्षण दिया।डॉ० अर्पिता जोशी ने डिजिटल शिक्षण हेतु तैयार की गयी डिजिटल शिक्षण सामग्री को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अपलोड करने से सम्बन्धित विस्तरित जानकारी प्रदान की।डॉ० रेहान द्वारा डिजिटल शिक्षण सामग्री को आर्कषक रूप से व्यवस्थित करने के सम्बन्ध में जानकारी प्रदान की तथा डॉ० ललित प्रसाद ने विभिन्न तकनीकी उपकरणों के संचालन की विस्तरित जानकारी प्रदान की।कार्यशाला के प्रथम दिवस में विज्ञान संकाय तथा कला संकाय में कार्यरत शिक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया तथा अधिष्ठाता प्रशासन डॉ०प्रवीण सिंह बिष्ट,संकायाध्यक्ष विज्ञान प्रो० जया उप्रेती एवं निदेशक ग्रीन ऑडिट एवं विभागाध्यक्ष वानिकी विज्ञान विभाग प्रो० अनिल यादव द्वारा कार्यशाला का पर्यवेक्षण किया गया।कार्यशाला में अर्थशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो० हरीश चन्द्र जोशी, अंग्रेजी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो० निर्मला पन्त,डॉ अरविन्द सिंह अधिकारी,डॉ० दीपक, डॉ० कुसुम लता आर्या, डॉ० पुष्पा वर्मा, डॉ० रूची ककक्ड़, डॉ नरेश पन्त, डॉ०लता आर्या, डॉ० आशा शैली, डॉ०अरविन्द यादव, डॉ गोकुल देउपा, डॉ०आस्था नेगी, डॉ०शैली, डॉ० ज्योति किरन, डॉ०दीपा काण्डपाल, डॉ० गौरव कर्नाटक, डॉ०पवन जोशी, डॉ० अरविन्द पाण्डे, डॉ०मंजुलता, डॉ० भूपेन्द्र चौहान आदि शिक्षक उपस्थित थे।कार्यक्रम का संचालन कार्यशाला में सह-संयोजक डॉ० मनोज कुमार बिष्ट द्वारा किया गया तथा कार्यशाला के सुचारू संचालन में समस्त विभागीय कर्मचारियों श्री के०एस०चौहान, अनूप सिंह बिष्ट, कमल जोशी, हरीश, मनोज सिंह का सक्रिय सहयोग रहा।