अल्मोड़ा-उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने शुक्रवार को पत्रकार वार्ता करते हुए कहा कि उत्तराखंड में भू माफियाओं की आपराधिक गतिविधियों पर लगाम नहीं लगाई गई तो स्थितियां विकराल रूप धारण कर लेंगी।तिवारी ने कहा कि पिछले लगभग डेढ़ दशक से डांडाकांडा इन भू माफियाओं का केंद्र बना है इसके कर्ताधर्ताओं द्वारा स्थानीय लोगों,पत्रकारों,सामाजिक राजनीतिक कार्यकर्ताओं और अब न्यायिक अधिकारियों को भी झूठे मामलों में फंसाने,गुमनाम व फर्जी शिकायतें कर सरकारी मशीनों का दुरुपयोग किया जा रहा है जिसकी उच्चस्तरीय जांच की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्लीजेंट वैली फाउंडेशन को पीछे से संचालन करने वाले दिल्ली के एक अधिकारी प्रेमनाथ की पत्नी आशा यादव द्वारा ग्राम मैणी, हवालबाग में अवैध रूप से खरीदी गई 100 नाली ज़मीन उपपा के प्रयासों से सरकार के पक्ष में जब्त हो चुकी है इस मामले में न्यायालय में मुक़दमा लंबित है।उपपा ने कहा कि अल्मोड़ा के जिलाधिकारियों द्वारा गठित जांच समिति 11 सितंबर 2011 को अपनी विस्तृत रिपोर्ट में ज़मीन की अनुमति की शर्तों का उल्लघंन करने को लेकर इस ज़मीन को सरकार के पक्ष में ज़ब्त करने की सिफ़ारिश की थी।परन्तु अनेक जिलाधिकारियों की सिफारिशों के बावजूद भी उत्तराखंड सरकार इन भू माफियाओं को संरक्षण प्रदान कर रही है जिस कारण स्थितियां लगातार बिगड़ रही हैं।उपपा ने प्रदेश सरकार से ज़िला अधिकारियों की सिफारिशों को मानते हुए डांडाकांडा की सारी संपत्तियां सरकार के पक्ष में ज़ब्त करने एवं इससे जुड़े लोगों की आपराधिक गतिविधियों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की।पत्रकार वार्ता में उपपा की केंद्रीय सचिव आनंदी वर्मा, एड नारायण राम,गोपाल राम,नीतू टम्टा,हीरा देवी,किरन आर्या,राजू गिरी, हेमा पांडे,दीक्षा सुयाल आदि लोग उपस्थित रहे।
