देहरादून–कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने एक बयान जारी करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को चेताया कि अगर उन्होंने शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत जिनका नाम पिछले कई दिनों से राज्य के विश्वविद्यालयों में हो रही नियुक्तियों में भ्रष्टाचार के मुद्दों पर सामने आ रहा है के ख़िलाफ़ कोई कार्यवाई नहीं की तो कांग्रेस जन इस मुद्दे पर आंदोलनरत होंगे।बयान में धीरेंद्र प्रताप ने बताया कि पहले भी उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में डिप्टी डायरेक्टर सहित कई पदों पर गुपचुप तरीक़े से भर्ती का मुद्दा सामने आया था।जिसमें धन सिंह रावत के पी०आर०ओ०से लेकर कई अपने करीबियों को जॉब देने का काम किया गया था।हद तो तब हो गई थी जब उस विज्ञप्ति के माध्यम से यह स्पष्ट कर दिया गया था कि यह भर्ती प्रक्रिया आरटीआई के दायरे से बाहर है।अभी दो दिन पहले एक नया भ्रष्टाचार का मुद्दा उत्तरांचल यूनिवर्सिटी का सामने आया है,जिसमें असिस्टेंट प्रोफ़ेसर की भर्ती में भ्रष्टाचार का उजागर हुआ है।ज़ीरो टॉलरेंस अगेस्ट भ्रष्टाचार की बात करने वाले आज सिर से पैर तक भ्रष्टाचार में लिप्त हैं।उन्होने कहा कि चाहे वो गुरु रामराय उत्तर ज़मीन का मर्म मुद्दा हो या टेक होम राशन का मुद्दा हो या कुम्भ में कोविड जाँच घोटाला हो,ये सारे भ्रष्टाचार के मुद्दे दर्शाते हैं कि भाजपा की कथनी और करनी में कितना फ़र्क है।धीरेंद्र प्रताप ने मुख्यमंत्री से माँग की है कि वो जल्द से जल्द इस शिक्षा घोटाले की नैनीताल उच्च न्यायालय के एक न्यायविद से जांच कराएं।जिससे सच्चाई जनता के सामने आ सके। ऐसा न होने पर उन्होंने उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी है।