अल्मोड़ा-विगत कुछ दिनों से चल रहे पर्यावरण मित्रों के आन्दोलन को समर्थन देते हुए अल्मोड़ा के पूर्व विधायक मनोज तिवारी आज धरना स्थल पर पहुंचे तथा आन्दोलन को अपना समर्थन देते हुए धरने पर बैठे। इस अवसर पर पूर्व विधायक मनोज तिवारी ने कहा कि पर्यावरण मित्र अपनी जायज मांगों को लेकर विगत कुछ दिनों से आन्दोलनरत हैं परन्तु प्रदेश सरकार अपनी आंखे मूंदे बैठी है।उन्होंने कहा कि पर्यावरण मित्र हमारे समाज का महत्वपूर्ण अंग हैं।और बेहद मजबूरी में उन्हें आज अपनी जायज मांगों के लिए आन्दोलन करना पड़ रहा है।उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को अविलम्ब पर्यावरण मित्रों के साथ वार्ता कर उनकी मांगों को पूर्ण करना चाहिए।उन्होंने कहा कि कोरोनाकाल में पर्यावरण मित्रों ने अपनी जिन्दगी की परवाह ना करते हुए हरदम अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई है।सरकार को चाहिए कि पर्यावरण मित्रों की जायज मांगों को अविलम्ब पूरा करे।उन्होंने कहा कि आज पर्यावरण मित्रों के आन्दोलन से हर जगह की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गयी है।हर जगह गन्दगी का अंबार लगा है।सरकार को सोचना चाहिए कि इस तरह गन्दगी के ढेर लगने से महामारी का खतरा उत्पन्न हो सकता है।इसलिए सरकार अपनी हठधर्मिता छोड़े और शीघ्र पर्यावरण मित्रों की मांगों को पूरा करे।उन्होंने कहा कि आज पर्यावरण मित्रों के साथ जो नाइंसाफी प्रदेश की सरकार कर रही है वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।जब सरकार बार बार यह कह रही है कि वह हर क्षेत्र में लोगों के लिए आर्थिक पैकेज दे रही है तो क्यों प्रदेश सरकार पर्यावरण मित्रों की मांग को पूरा नहीं कर रही?श्री तिवारी के साथ समर्थन देने तथा धरने में बैठने वालों में नगर अध्यक्ष पूरन सिंह रौतेला,वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष तारा चन्द्र जोशी,पूर्व सभाषद किशनलाल,महेश चन्द्र आर्या,जिला उपाध्यक्ष पारितोष जोशी,सभाषद सचिन आर्या,अम्बीराम आर्या,गीता मेहरा,जमन सिंह,दीप सिंह डांगी,रमेश नेगी,कमल कोरंगा,यूथ प्रदेश प्रवक्ता वैभव पाण्डे,कैलाश बिष्ट,जितेन्द्र बिष्ट,नीरज पवार,मुकेश नेगी,पंकज काण्डपाल आदि शामिल रहे।