अल्मोड़ा-एजुकेशनल मिनिस्ट्रीयल आफीसर्स एसोसिएशन कुमाऊं मण्डल नैनीताल के सचिव धीरेन्द्र कुमार पाठक द्वारा अवगत कराया गया है कि माननीय विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान से सभी पदोन्नति सूची जारी करने व पदोन्नति संशोधन हेतु दूरभाष वार्ता की गई और निदेशालय में महानिदेशक व शिक्षा निदेशक से वार्ता करने का अनुरोध किया गया।संगठन का पत्र उनके पी आर ओ को वाट्सअप पर भेज दिया गया है तथा देहरादून से भी कार्यवाही का अनुरोध किया गया है।उनके द्वारा अवगत कराया गया है कि शिक्षा महानिदेशक को अवगत करा दिया गया है पुनः देहरादून जाने पर शिक्षा महानिदेशक व शिक्षा निदेशक से दूरभाष पर वार्ता करता हूं।सभी पदों मुख्य प्रशासनिक अधिकारी,वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, प्रधान सहायक के पदों पर पदोन्नति व सभी अवशेष पदोन्नति संशोधन के संबंध के संबंध में निर्णायक कदम उठाने हेतु अनुरोध किया गया।वार्ता पूर्वाह्न 11:16 से 11:19 तक हुई। मंडलीय अध्यक्ष जगमोहन सिंह खाती, अध्यक्ष अल्मोडा पुष्कर सिंह भैसोड़ा, जिला मंत्री पंकज जोशी,जिलाध्यक्ष पिथौरागढ़ सौरभ चंद,सचिव कैलाश बिष्ट,नैनीताल अध्यक्ष हरिशंकर नेगी, सचिव तरुण तिवारी,बागेश्वर संरक्षक भुवन जोशी,अध्यक्ष विजय रावत, सचिव इंद्रेश कोरंगा,चंपावत अध्यक्ष नगेन्द्र जोशी,सचिव रविन्द्र पांडेय, जनपद ऊधमसिंह नगर अध्यक्ष वीरेन्द्र पांडेय व सचिव हरजीत द्वारा भी सभी पदोन्नति इसी भर्ती वर्ष में तथा सभी पदोन्नति संशोधन के प्रकरणों को भी निस्तारित करने की मांग की गई है।यह भी कहा गया है कि पदोन्नति संशोधन नहीं होने पर दो भर्ती वर्ष का नुकसान होगा विभाग को कार्मिकों के हितों के दृष्टिगत कार्यवाही करने की आवश्यकता है।विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान द्वारा शिक्षा सचिव,शिक्षा महानिदेशक व शिक्षा निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा से दूरभाष वार्ता करने की बात कही है यह भी कहा कि पूर्व में अवगत करा दिया गया है एक बार भर्ती वर्ष के समाप्ति के दृष्टिगत पुनः निर्देश दिए जायेंगे। धीरेन्द्र कुमार पाठक सचिव कुमायूं मंडल नैनीताल द्वारा कहा गया है कि कोविड काल में सभी शासकीय कार्य किए जा रहे हैं केवल पदोन्नति के प्रकरणों को निस्तारित व पदोन्नति संशोधन को निस्तारित नहीं किया जा रहा है जो कि अलोकतांत्रिक व मानवीय मूल्यों के खिलाफ है।पदोन्नति सेवा का प्रतिफल है उसे बाधित नहीं किया जाना चाहिए और समस्त अनिस्तारित मामलों को निस्तारित करने की आवश्यकता है।उत्तराखंड में कार्य संस्कृति का लोप हो रहा है जो कि चिंता जनक है सरकार द्वारा धरना प्रदर्शन कार्यक्रम को भी प्रतिबंधित किया गया है जिससे संगठनों को भी कार्य करने में परेशानी हो रही है।उत्तराखंड में बिना धरना प्रदर्शन के कुछ नहीं होता है यह परंपरा हो गई है।मुख्यमंत्री द्वारा भी पदोन्नति व पदोन्नति संशोधन जैसे प्रकरणों को निस्तारित करने के लिए सख्त निर्देश दिए जाने चाहिए ताकि सेवा का प्रतिफल प्राप्त हो सकें।