










अल्मोड़ा-गैरसैंण विधानसभा सत्र के दौरान आंदोलनकारियों पर वाटर कैनन के प्रयोग और पुलिस कार्रवाई के विरोध में उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने मोर्चा खोल दिया है।अल्मोड़ा स्थित दल के जिला कार्यालय में संरक्षक काशी सिंह ऐरी की उपस्थिति में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई की कड़ी निंदा की गई।दल ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का प्रयास बताते हुए जनहित के मुद्दों पर अपना संघर्ष जारी रखने की बात कही।प्रेस कॉन्फ्रेंस में काशी सिंह ऐरी ने कहा कि लोकतंत्र में जनता को अपनी मांगों के समर्थन में शांतिपूर्ण ढंग से आवाज उठाने और सरकार के समक्ष अपनी बात रखने का संवैधानिक अधिकार है। ऐसे में अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन देने जा रहे कार्यकर्ताओं पर वाटर कैनन का प्रयोग करना लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं को सुनने के बजाय आंदोलनकारियों पर बल प्रयोग करना उचित नहीं है।
ऐरी ने कहा कि उत्तराखंड क्रांति दल गैरसैंण को राज्य की स्थायी राजधानी घोषित करने,स्थानीय युवाओं को रोजगार देने,मूल निवास लागू करने और सशक्त भू-कानून बनाने जैसी महत्वपूर्ण मांगों को लेकर ज्ञापन देने जा रहा था।ये मांगें उत्तराखंड की पहचान,युवाओं के भविष्य और मूल निवासियों के अधिकारों से जुड़ी हैं।सरकार को इन विषयों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।काशी सिंह ऐरी ने पुलिस की कार्रवाई के साथ ही सड़क अवरुद्ध होने से आम नागरिकों और मरीजों को हुई परेशानी पर भी सवाल उठाए।उन्होंने कहा कि जब आम जनता अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरती है तो प्रशासन कार्रवाई करता है, लेकिन जब प्रशासन की कार्रवाई से ही सड़क बाधित होती है और लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है, तो इसकी जवाबदेही कौन तय करेगा?उन्होंने कहा कि जनहित के मुद्दों पर सरकार को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड क्रांति दल राज्य की स्थायी राजधानी,रोजगार, मूल निवास और भू-कानून जैसे मुद्दों को लेकर पीछे हटने वाला नहीं है।सरकार को आंदोलनकारियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए, ताकि जनता के अधिकारों और हितों की रक्षा हो सके। इस दौरान यूकेडी नेता विनय किरौला,जिलाध्यक्ष दिनेश जोशी,केंद्रीय मंत्री त्रिलोक लटवाल,गिरीश नाथ गोस्वामी,जिला महामंत्री प्रताप सिंह,देवेश जोशी, महानगर अध्यक्ष मोहित साह, दीवान बनोला,गणेश सिंह, सुजीत टम्टा सहित दल के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
