धौलादेवी-विकासखंड धौलादेवी में आयोजित अभिमुखीकरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम के स्वरूप को लेकर ब्लॉक प्रमुख लीला बिष्ट और क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने कड़ी नाराजगी जताई।कार्यक्रम की निर्धारित रूपरेखा और मौके पर दिखाई दिए स्वरूप में अंतर होने का आरोप लगाते हुए प्रमुख एवं क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया।उन्होंने पूरे मामले में शासन और जिला पंचायत राज अधिकारी से स्पष्टीकरण देने के साथ ही जांच कराने की मांग उठाई है।प्रमुख लीला बिष्ट ने कहा कि जिला पंचायत राज अधिकारी की ओर से जारी पत्र में कार्यक्रम को त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों के लिए एक दिवसीय अभिमुखीकरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम के रूप में निर्धारित किया गया था। इसके तहत पंचायत प्रतिनिधियों को पंचायतों के कामकाज और उनकी जिम्मेदारियों से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण दिए जाने की अपेक्षा थी।हालांकि कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए बैनर और वहां की वास्तविक रूपरेखा निर्धारित कार्यक्रम से अलग दिखाई दी। इसी को लेकर प्रमुख और क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने आपत्ति जताई।प्रमुख और क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने सवाल उठाया कि जब कार्यक्रम का उद्देश्य पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण देना था तो निर्धारित विषयों पर प्रशिक्षण की व्यवस्था क्यों नहीं की गई? उन्होंने यह भी जानना चाहा कि प्रशिक्षण देने की जिम्मेदारी किस संस्था को सौंपी गई थी और कार्यक्रम को तय उद्देश्य के अनुरूप आयोजित करने के लिए क्या व्यवस्थाएं की गई थीं।
पंचायत प्रतिनिधियों का कहना था कि प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से जनप्रतिनिधियों को पंचायतों के संचालन, विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और अपने दायित्वों के निर्वहन से संबंधित जरूरी जानकारी मिलनी चाहिए। यदि कार्यक्रम की रूपरेखा ही निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप नहीं है, तो इससे प्रशिक्षण की उपयोगिता पर सवाल खड़े होते हैं।कार्यक्रम के निर्धारित उद्देश्य और मौके पर नजर आए स्वरूप में अंतर को लेकर नाराज प्रमुख लीला बिष्ट एवं क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने कार्यक्रम में शामिल होने के बजाय इसका बहिष्कार करने का निर्णय लिया। वे अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्यक्रम स्थल से लौट गए। इसके बाद उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगने और पूरे प्रकरण की जांच कराने की मांग की।प्रमुख एवं क्षेत्र पंचायत सदस्यों की नाराजगी का मुख्य कारण यह रहा कि जिस कार्यक्रम को पंचायत प्रतिनिधियों के क्षमता विकास और प्रशिक्षण के लिए आयोजित किया जाना था, उसकी वास्तविक व्यवस्था को लेकर स्पष्टता नहीं दिखाई दी। प्रतिनिधियों ने कार्यक्रम की रूपरेखा, प्रशिक्षण की जिम्मेदारी और निर्धारित विषयों पर दी जाने वाली जानकारी के संबंध में स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।प्रमुख लीला बिष्ट ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों के लिए आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम अपने निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप और पूरी पारदर्शिता के साथ होने चाहिए। जनप्रतिनिधियों को प्रशिक्षण के नाम पर आयोजित कार्यक्रमों से वास्तविक लाभ मिलना जरूरी है। इसके लिए कार्यक्रम की रूपरेखा स्पष्ट होनी चाहिए और प्रशिक्षण देने वाली संस्था तथा विषयों की जानकारी भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए।उन्होंने शासन और जिला पंचायत राज अधिकारी से पूरे मामले का संज्ञान लेकर आवश्यक स्पष्टीकरण देने तथा जांच कराने की मांग की। साथ ही यह भी जरूरी बताया कि भविष्य में ऐसे कार्यक्रम निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार आयोजित किए जाएं, ताकि पंचायत प्रतिनिधियों को इसका वास्तविक लाभ मिल सके।
धौलादेवी में आयोजित इस कार्यक्रम को लेकर उठे सवालों के बाद अब संबंधित अधिकारियों की ओर से मामले में स्थिति स्पष्ट किए जाने की अपेक्षा की जा रही है। पंचायत प्रतिनिधियों की मांग है कि कार्यक्रम के उद्देश्य, आयोजन की रूपरेखा और प्रशिक्षण संबंधी व्यवस्थाओं की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए।

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