अल्मोड़ा-उत्तराखंड क्रांति दल के नवनियुक्त केंद्रीय उपाध्यक्ष दिनेश कुंजवाल एवं कुमाऊं मंडल के प्रभारी चंदन लोधियाल के अल्मोड़ा जिले में प्रथम आगमन पर जिला कार्यकारिणी एवं जिलेभर से आए कार्यकर्ताओं द्वारा भव्य रैली निकालकर गांधी पार्क में जोरदार स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।इस अवसर पर नवनियुक्त युवा प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष रवि नेगी, महानगर युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष वंश कनवाल, महिला प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष देवकी कनवाल, राज्य आंदोलनकारी प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष बसंत बल्लभ जोशी तथा सैनिक प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष चंदन सिंह मुस्यूनी का भी कार्यकर्ताओं द्वारा स्वागत किया गया।कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने उत्तराखंड क्रांति दल के विचारों और राज्य आंदोलन की मूल भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड राज्य केवल प्रशासनिक पुनर्गठन के लिए नहीं बना था,बल्कि इसके पीछे पहाड़ के लोगों के सम्मान,अधिकार,रोजगार, स्वाभिमान और बेहतर भविष्य का सपना था।उत्तराखंड क्रांति दल के विनय किरौला ने कहा कि राज्य निर्माण के दशकों बाद भी उत्तराखंड के मूल सवाल पूरी तरह हल नहीं हुए हैं।आज भी पहाड़ से पलायन, बेरोजगारी, गांवों का खाली होना, प्राकृतिक संसाधनों पर स्थानीय लोगों के अधिकार, शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं गंभीर चुनौतियां बनी हुई हैं।उन्होंने कहा कि उत्तराखंड क्रांति दल का संघर्ष किसी व्यक्ति अथवा सत्ता के विरुद्ध मात्र राजनीतिक संघर्ष नहीं,बल्कि उत्तराखंड की अस्मिता और उसके संसाधनों पर उत्तराखंडवासियों के अधिकार का संघर्ष है। कहा कि संगठन को गांव-गांव तक मजबूत करते हुए जनसरोकारों के मुद्दों को आंदोलन का आधार बनाया जाएगा। कहा कि उत्तराखंड क्रांति दल राज्य आंदोलन की मूल भावना और शहीदों के सपनों को केंद्र में रखकर अपनी राजनीतिक एवं सामाजिक भूमिका को और मजबूत करेगा।उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की राजनीति का केंद्र स्थानीय जनता के अधिकार,रोजगार, पलायन की रोकथाम, जल-जंगल-जमीन पर स्थानीय हितों की सुरक्षा और पहाड़ के समग्र विकास को बनाया जाना आवश्यक है।उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि संगठन को केवल चुनाव के समय सक्रिय होने वाली राजनीतिक शक्ति न बनाकर जनता के सुख-दुख में खड़े रहने वाला जनसंगठन बनाया जाए। प्रत्येक कार्यकर्ता अपने क्षेत्र की समस्याओं को चिन्हित करे और उनके समाधान के लिए संघर्ष खड़ा करे।उन्होंने कहा कि गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाए जाने की मांग उत्तराखंड क्रांति दल के मूल संकल्पों में शामिल है और इस मुद्दे को मजबूती से आगे बढ़ाया जाएगा।कुमाऊं मंडल प्रभारी चंदन लोधियाल ने कहा कि कुमाऊं मंडल में संगठन को बूथ,ग्राम एवं नगर स्तर तक मजबूत किया जाएगा।उत्तराखंड क्रांति दल की विचारधारा को केवल भाषणों तक सीमित न रखकर उसे जनता के रोजमर्रा के सवालों और संघर्षों से जोड़ा जाएगा।उन्होंने कहा कि पहाड़ के गांवों से पलायन रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा करना,कृषि-बागवानी, पर्यटन,वनाधारित अर्थव्यवस्था तथा स्थानीय संसाधनों का लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंचाना आवश्यक है।उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे जनता के बीच जाकर उत्तराखंड का विकास उत्तराखंडवासियों के अधिकार के साथ की सोच को मजबूत करें।युवा प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष रवि नेगी ने कहा कि उत्तराखंड का युवा रोजगार के लिए लगातार पलायन करने को मजबूर है। युवा प्रकोष्ठ युवाओं की समस्याओं को संगठन के प्रमुख एजेंडे में शामिल करेगा।उन्होंने कहा कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, सरकारी एवं निजी क्षेत्र में अवसर, स्वरोजगार, कौशल विकास और खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन जैसे विषयों को लेकर युवा प्रकोष्ठ गांव-गांव तक अभियान चलाएगा।महानगर युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष वंश कनवाल ने कहा कि युवाओं को उत्तराखंड के भविष्य की लड़ाई में सक्रिय भागीदारी करनी होगी। उन्होंने कहा कि युवा केवल रोजगार मांगने वाला वर्ग नहीं, बल्कि राज्य की नीति और दिशा तय करने वाली शक्ति है।उन्होंने कहा कि संगठन युवाओं को उत्तराखंड की अस्मिता, संस्कृति, इतिहास और राज्य आंदोलन की मूल भावना से जोड़ते हुए उन्हें सामाजिक एवं राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय करेगा।महिला प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष देवकी कनवाल ने कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति ने राज्य आंदोलन में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी। आज भी गांवों, सीमांत क्षेत्रों और पहाड़ी समाज की अनेक समस्याओं का सबसे अधिक प्रभाव महिलाओं पर पड़ता है।उन्होंने कहा कि महिला प्रकोष्ठ महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, रोजगार, स्वरोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा तथा गांवों में मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाएगा और महिलाओं को संगठन की निर्णय प्रक्रिया में अधिक भागीदारी दी जाएगी।राज्य आंदोलनकारी प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष बसंत बल्लभ जोशी ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के सम्मान एवं उनके अधिकारों से जुड़े विषयों को मजबूती से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य की स्थापना जिन आंदोलनकारियों और शहीदों के संघर्ष एवं बलिदान से हुई, उनके सपनों को भूलकर उत्तराखंड का निर्माण अधूरा है।सैनिक प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष चंदन सिंह मुस्यूनी ने कहा कि उत्तराखंड कि पहचान सैनिक परंपरा और राष्ट्रसेवा से भी जुड़ी हुई है। सैनिकों, पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारों से जुड़े मुद्दों को संगठन प्राथमिकता के साथ उठाएगा।कार्यक्रम के अंत में सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि उत्तराखंड क्रांति दल को गांव से राजधानी तक मजबूत जनशक्ति के रूप में खड़ा किया जाएगा।इस अवसर पर जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारी, विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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