






अल्मोड़ा- डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन उत्तराखंड के आह्वान पर चल रहे आंदोलनात्मक कार्यक्रम के अगले चरण में सोमवार से फार्मेसी अधिकारियों ने काला फीता बांधकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।जनपद की विभिन्न चिकित्सा इकाइयों में तैनात फार्मेसी अधिकारी काला फीता बांधकर अपने कार्यों का निर्वहन करते हुए सरकार और शासन के समक्ष अपनी मांगों को लेकर विरोध दर्ज करा रहे हैं।एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि काला फीता बांधकर विरोध का यह कार्यक्रम 15 सितंबर तक जारी रहेगा। इस दौरान फार्मेसी अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराएंगे।संगठन का कहना है कि लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर शासन और सरकार से लगातार अपेक्षा की जा रही है कि फार्मासिस्ट संवर्ग की समस्याओं पर गंभीरता और सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाए।एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि यदि 15 सितंबर तक सरकार एवं शासन स्तर से मांगों के संबंध में सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता है तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।इसके लिए प्रांतीय हाई पावर कमेटी से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुसार आगामी आंदोलनात्मक कार्यक्रम तय किए जाएंगे।जनपद की कोर कमेटी की बैठक में आंदोलन की आगामी रणनीति पर भी चर्चा की गई।बैठक में जनपद अध्यक्ष डीके जोशी,वरिष्ठ उपाध्यक्ष जेपीएस मनराल, उपाध्यक्ष गोपाल सिंह,जिला मंत्री रजनीश जोशी, संगठन मंत्री जगदीश चंद्र, संयुक्त मंत्री प्रेम प्रकाश, कोषाध्यक्ष कैलाश पपने एवं संप्रेक्षक माया पाण्डेय मौजूद रहे।एसोसिएशन पदाधिकारियों ने कहा कि फार्मेसी अधिकारी स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जाना आवश्यक है। उन्होंने सरकार से मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर आंदोलन को समाप्त कराने की दिशा में पहल करने की अपील की है।
