



अल्मोड़ा-कुमाऊं के पारंपरिक लोकपर्व सातों-आठों के तहत दुगालखोला में गौरा-महेश्वर उत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ जारी है। डोर-दुबड़े की पूजा के उपरांत शुक्रवार को दुगालखोला महिला भजन मंडली ने भजन-कीर्तन के माध्यम से भगवान शिव और माता पार्वती की स्तुति कर श्रद्धालुओं को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया। भजन संध्या में भगवती गुरुरानी, कमला पाण्डेय, तारा भट्ट, हेमा पाण्डेय, गीता पोखरिया, खष्टी भट्ट, दीपा लोहनी, दीक्षा लोहनी, रेखा सुप्याल, मीना लोहनी, तन्नू गुरुरानी, ज्योति गुरुरानी, कमला गुरुरानी, विमला दुर्गापाल, जानकी गुरुरानी, मीनू दुर्गापाल, रीचा दुर्गापाल, कंचन दुर्गापाल, हेमा दुर्गापाल, कमला दुर्गापाल, रेवा विनवाल, तनुजा दुर्गापाल सहित अनेक महिलाओं ने सहभागिता की। आयोजकों ने बताया कि गौरा-महेश्वर उत्सव शुक्रवार, 22 अगस्त को भी विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों के साथ जारी रहेगा। वहीं, रविवार, 23 अगस्त को अपराह्न 3 बजे गौरा-महेश्वर के डोले का देवी मंदिर में पारंपरिक विधि-विधान के साथ विसर्जन किया जाएगा। डोला विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा की जाएगी तथा प्रसाद का वितरण भी किया जाएगा। सातों-आठों पर्व के अवसर पर दुगालखोला में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होकर कुमाऊं की समृद्ध लोक परंपराओं को जीवंत बनाए हुए हैं।
