अल्मोड़ा-मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को जनपद अल्मोड़ा के गरुड़ाबाज मैदान में हरेला पर्व के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय एक पेड़ माँ के नाम वृहद पौधारोपण कार्यक्रम तथा जन-जन की सरकार,जन-जन के द्वार कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एक पेड़ माँ के नाम के तहत पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की शुभकामनाएं देते हुए प्रकृति संरक्षण का सामूहिक संकल्प लेने का आह्वान किया।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों,विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों एवं स्थानीय नागरिकों ने सहभागिता की। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए विभिन्न विभागों के स्टालों का अवलोकन किया तथा बड़ी संख्या में लोगों ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ प्राप्त किया।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर जागेश्वर विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं की।कहा कि सरकार जागेश्वर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए संकल्पित है।मुख्यमंत्री ने कहा कि हरेला केवल एक पर्व नहीं,बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी आस्था,संवेदनशीलता और उत्तरदायित्व का प्रतीक है।उन्होंने कहा कि आज प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक पौधा लगाकर उसके संरक्षण का संकल्प लेना चाहिए।यदि हम लगाए गए पौधों की जिम्मेदारी भी निभाएं तो आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और हरित पर्यावरण प्रदान कर सकते हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि वृद्ध जागेश्वर एवं जागेश्वर धाम में पूजा-अर्चना कर उन्हें अद्भुत आध्यात्मिक अनुभूति एवं नई ऊर्जा प्राप्त हुई है।उन्होंने कहा कि यही ऊर्जा उन्हें प्रदेशवासियों की सेवा के लिए निरंतर कार्य करने की प्रेरणा देती है।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार देवभूमि की सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक पहचान एवं परंपराओं के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी),सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून तथा कठोर नकल विरोधी कानून लागू कर उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करने के साथ-साथ युवाओं के भविष्य को सुरक्षित किया है।आज उत्तराखंड देश के अन्य राज्यों के लिए अनेक क्षेत्रों में प्रेरणा का केंद्र बना है।पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से हजारों युवाओं को सरकारी सेवाओं में अवसर प्रदान किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने सेवा,सुशासन और समर्पण के पाँच वर्ष पूर्ण किए हैं।इस अवसर पर प्रदेशभर में जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान चलाकर सरकारी सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ सीधे आमजन तक पहुंचाया जा रहा है।सरकार का उद्देश्य अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक विकास और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक महत्व एवं बौद्धिक परंपरा के लिए देशभर में विशिष्ट पहचान रखता है।यहां के प्रतिभाशाली लोगों ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड का गौरव बढ़ाया है।राज्य सरकार सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण,धार्मिक पर्यटन के विकास तथा स्थानीय संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप उत्तराखंड को आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है।इस अवसर पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।सड़क, रेल,डिजिटल कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य,शिक्षा एवं पर्यटन के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों से पर्वतीय क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का निरंतर विस्तार हो रहा है और अंतिम व्यक्ति तक विकास की किरण पहुंच रही है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रत्येक नागरिक से पौधारोपण एवं उसके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड ने बीते पाँच वर्षों में विकास के अनेक नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। सतत विकास लक्ष्यों,प्रति व्यक्ति आय,शिक्षा,स्वास्थ्य, रोजगार एवं आधारभूत संरचना के क्षेत्र में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि सरकार विकास और जनसेवा के संकल्प के साथ कार्य कर रही है तथा प्रत्येक योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने हरेला पर्व को जनभागीदारी के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का सशक्त अभियान बताते हुए अधिकाधिक पौधारोपण का आह्वान किया।विधायक जागेश्वर मोहन सिंह मेहरा ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का जागेश्वर विधानसभा क्षेत्र के प्रति विशेष आत्मीय लगाव है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अपने कार्यकाल में लगभग 25 बार जागेश्वर क्षेत्र का भ्रमण कर चुके हैं,जो इस क्षेत्र के विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा क्षेत्र के लिए की गई विकासपरक घोषणाओं के लिए आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित स्टालों का अवलोकन किया।बड़ी संख्या में लोगों ने विभागीय शिविरों के माध्यम से विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ प्राप्त किया।इस दौरान विधायक रानीखेत,डॉ प्रमोद नैनवाल,दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री गोविंद पिलख्वाल,कुंदन लटवाल,भावना मेहरा,जिला पंचायत अध्यक्षा हेमा गैडा, पलायन निवारण आयोग सदस्य अनिल सिंह साही, मेयर अल्मोड़ा अजय वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष एवं सदस्य जिला पंचायत महेश नयाल, प्रमुख वन संरक्षक कपिल लाल,सचिव उत्तराखंड शासन दिलीप जावलकर,अपर सचिव हिमांशु खुराना, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर घोड़के,मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा,अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र सहित जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी तथा बड़ी संख्या में आम जनमानस उपस्थित रहे।इस दौरान मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओ में वृद्ध जागेश्वर का समग्र विकास किया जाएगा। वृद्ध जागेश्वर मंदिर तक पेयजल योजना बनाई जाएगी।जागेश्वर धाम के पौराणिक महत्व की धरोहरों विशेषकर ऐरावत गुफा,जटा गंगा उद्गम स्थल कोटिलिंग, कोटली स्थित शिव पौ (पाव) के साथ साथ आरतोला से जागेश्वर तक मोटर मार्ग किनारे स्थित मंदिरों का पर्यटन की दृष्टि से समग्र विकास किया जाएगा।आरतोला के पास एक राज्य अतिथि गृह का निर्माण किया जायेगा।जागेश्वर,वृद्ध जागेश्वर एवं आरतोला क्षेत्र में नए मोबाइल टावरों की स्थापाना का कार्य किया जाएगा।आरतोला स्थित पार्किंग को मल्टी लेवल पार्किंग किया जायेगा।आरतोला से जागेश्वर सड़क मार्ग में आरसीसी नाली तथा सड़क के सोल्डर को पेव्ड किया जायेगा जिससे बिना वृक्षों के पातन के सड़क की वाहन ले जाने की क्षमता में वृद्धि होगी। दन्या डिग्री कॉलेज में एमए की कक्षाएं शुरू की जाएंगी।

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