चम्पावत-कांग्रेसजनों ने आज पूरन कठायत जिलाध्यक्ष की अध्यक्षता एवं सूरज प्रहरी के संचालन में गाँधी चौक पर महात्मा गाँधी जी की प्रतिमा के सामने लचर स्वास्थ व्यवस्थाओं एवं दिन प्रतिदिन बढ़ती महंगाई को लेकर उपवास किया।कांंग्रेसजनों ने मोदी सरकार के सात साल के कार्यकाल को निराशा जनक एवं आम जनता के लिए भारी बताते हुए डबल इंजन की सरकार को फेल बताया।कांग्रेसजनों ने कहा कि जब से मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार सत्ता में आई है तब से लेकर अब तक कमरतोड़ महंगाई ने आम जनता की कमर ही तोड़कर रख दी है।आम जनता के खाने से तेल,नमक,आलू,प्याज,चीनी, मल्का दाल दूर होती जा रही हैं।70 रूपये किलो सरसों का तेल आज 170/180 रूपये किलो पहुँच गया है। मल्का दाल जो 60 रूपये किलो थी इन सात सालों में 100/110 रूपये किलो पहुँच गयी है,जो सीधे तौर पर खाद्य पदार्थों को आम जनता की थाली से दूर करने की कोशिश है।कांंग्रेसजनों ने कहा कि गैस सिलेंडर जो कांग्रेस सरकार में 400 रूपये का मिलता था मोदी की डबल इंजन सरकार में 900 रूपये में भरा जा रहा है।पेट्रोल डीजल के दामों में बेतहाशा वृद्धि कर मोदी सरकार पूंजीपतियों से सांठगांठ कर स्वयं व अपने मित्रों को फायदा पहुचा रहीं हैं।मोदी सरकार ने आपदा में अपने लिए कमाई का अवसर ढूँढ रखा है।आम आदमी, व्यापारी,बेरोजगार कोरोना महामारी में त्रस्त हैं।उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से जनता को कोई मदद नहीं दी जा रहीं हैं।स्वास्थ व्यवस्था इस कदर लचर है कि लोगों को प्राइवेट अस्पतालों की ओर रूख करना पड़ रहा है,जिसका असर सीधे आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है।मोदी सरकार ने लोगों को गुमराह कर 18+ को वैक्सीन लगाने की घोषणा तो कर दी पर सरकार के पास पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन ही उपलब्ध नहीं है,जिससे वैक्सीन सेंटर दिन प्रतिदिन बंद कर दिए जा रहे हैं।सरकार की बेरूखी के कारण कई लोगों ने ऑक्सीजन की कमी के कारण दम तोड़ा है।कांग्रेस जनों ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही स्वास्थ्य व्यवस्था दुरुस्त कर एवं महंगाई को नियंत्रित कर आम आदमी को राहत पहुँचाने का काम नहीं होता तो कांग्रेसजन सड़कों पर उतर कर डबल इंजन की सरकार को बेनकाब करने का काम रहेंगे।उपवास कार्यक्रम में विकास साह जिला महामंत्री,पप्पू खर्कवाल पूर्व पीसीसी, हरगोविंद बोहरा प्रदेश महासचिव सेवादल,हरीश चौधरी जिला अध्यक्ष कांग्रेस सेवादल,मयूख चौधरी,दीपक तड़ागी (लारा) जगदीश जोशी आदि उपस्थित रहें।
