अल्मोड़ा-उत्तराखंड डायट डीएलएड प्रशिक्षित बेरोजगारों ने अपना वक्तव्य जारी करते हुए कहा है की वर्ष 2017 के बाद राज्य में अभी तक प्राथमिक शिक्षक भर्ती नहीं हुई है।जिस कारण से राज्य के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी के कारण लगातार नामांकन भी गिरते जा रहा है।कोरोनाकाल में जहां एक तरफ प्राइवेट विद्यालयों के बच्चे ऑनलाइन माध्यम से शिक्षा ले रहे वहीं दूसरी तरफ सरकारी प्राइमरी विद्यालय में पढ़़ रहे बच्चों की सुध लेने वाला कोई नहीं है।संघ ने कहा कि उत्तराखंड डायट डी एल एड बैच 2017-19 के दिन-रात चले धरने के पश्चात शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे द्वारा नवंबर 2020 में प्राथमिक शिक्षक भर्ती हेतु सभी जनपदों के लिए कैंलेडर के साथ विज्ञापन जारी किया गया था तथा माह अप्रैल तक डाटा एंट्री पूरा करने हेतु निर्देशित किया गया था।मई माह के संपन्न होने के बाद आज कुमाऊं व गढ़वाल के जिन जिलों में कार्य अधूरा था उन जिलों के डीईओ से मुलाकात कर संघ ने कार्य की गति जानी जिसमे सभी डीईओ ने कहा कि निदेशालय जब कहेगा हम डेटा अपलोड कर देंगे।अब शिक्षा निदेशक के अगले आदेश का इंतजार सभी डीईओ को है।परन्तु समस्या ये है कि शिक्षा निदेशक व अपर निदेशक इसे डीईओ का मामला बताते है जिससे भर्ती प्रशासनिक गलतियों से पूर्ण नही हो पा रही है।अतः डायट डीएलएड संघ पुरजोर मांग करता है कि सभी जनपदों के जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक को उत्तराखंड शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर डाटा अपलोड करने हेतु शीघ्र अति शीघ्र जून माह के प्रथम सप्ताह तक आदेशित किया जाए जिससे जून माह के अंतिम सप्ताह तक शिक्षक भर्ती संपन्न हो सके।