अल्मोड़ा- पूर्व सभासद जगमोहन बिष्ट ने प्रधानमंत्री के खिलाफ की गई कथित टिप्पणी पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विरुद्ध बताया है।उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं लेकिन किसी भी जनप्रतिनिधि द्वारा देश के प्रधानमंत्री और उनके परिवार के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग करना निंदनीय है।जगमोहन बिष्ट ने कहा कि प्रधानमंत्री देश के सर्वोच्च निर्वाचित पदों में से एक पर आसीन हैं और उनके प्रति सम्मानजनक भाषा का प्रयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में आलोचना का अधिकार सभी को है लेकिन आलोचना तथ्यों और नीतियों पर आधारित होनी चाहिए न कि व्यक्तिगत टिप्पणियों पर।उन्होंने कहा कि द्वाराहाट विधायक द्वारा दिया गया बयान जनप्रतिनिधियों की गरिमा और राजनीतिक शिष्टाचार के विपरीत है। ऐसे बयान समाज में गलत संदेश देते हैं और राजनीतिक वातावरण को दूषित करने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि जनता अपने प्रतिनिधियों से संयमित एवं जिम्मेदार व्यवहार की अपेक्षा करती है।पूर्व सभासद ने संबंधित विधायक से अपने बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग करते हुए कहा कि उन्हें अपनी टिप्पणी वापस लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए इस प्रकार की भाषा का प्रयोग किसी भी स्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता।जगमोहन बिष्ट ने कहा कि देश और प्रदेश की राजनीति में स्वस्थ संवाद एवं लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है।उन्होंने सभी नेताओं से मर्यादित भाषा का प्रयोग करने और जनहित के मुद्दों पर राजनीति करने का आह्वान किया।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के खिलाफ की गई इस प्रकार की टिप्पणी से अनेक लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं और जनप्रतिनिधियों को भविष्य में ऐसे बयानों से बचना चाहिए।

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