अल्मोड़ा-द्वाराहाट विधायक द्वारा प्रधानमंत्री एवं उनके परिवार के खिलाफ की गई कथित अभद्र टिप्पणी पर पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष एवं पूर्व भाजपा जिला मंत्री देवाशीष नेगी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की है।उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन राजनीतिक विरोध के नाम पर व्यक्तिगत और अमर्यादित टिप्पणियां करना किसी भी जनप्रतिनिधि को शोभा नहीं देता।देवाशीष नेगी ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री एक संवैधानिक पद पर आसीन हैं और उनके प्रति सम्मानजनक भाषा का प्रयोग किया जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों और नेताओं को मुद्दों पर आधारित राजनीति करनी चाहिए न कि व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप और अभद्र भाषा का सहारा लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि एक विधायक जैसे जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति से जनता शालीनता और मर्यादित आचरण की अपेक्षा करती है।ऐसे बयान समाज में गलत संदेश देते हैं और राजनीतिक वातावरण को दूषित करने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए सभी जनप्रतिनिधियों को संयमित भाषा और गरिमामय व्यवहार अपनाना चाहिए।पूर्व भाजपा जिला मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री और उनके परिवार के खिलाफ की गई इस प्रकार की टिप्पणी न केवल अनुचित है बल्कि करोड़ों देशवासियों की भावनाओं को भी आहत करने वाली है।उन्होंने संबंधित विधायक से अपने बयान पर सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त करने की मांग की।देवाशीष नेगी ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता इस प्रकार की अभद्र राजनीति का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेंगे और जनता के बीच जाकर सच्चाई को सामने रखने का काम करेंगे।उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से भी आग्रह किया कि वे स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपराओं को बनाए रखने के लिए अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को मर्यादित भाषा के प्रयोग के लिए प्रेरित करें।

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