
अल्मोड़ा-उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के निर्देशन तथा अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अल्मोड़ा श्रीकांत पाण्डेय के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा सात दिवसीय जागरूकता अभियान के तहत शुक्रवार को जिला न्यायालय परिसर स्थित सभागार में अधिकार मित्रों के लिए फर्स्ट रिस्पॉन्डर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अल्मोड़ा अनामिका सिंह द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।उन्होंने उपस्थित अधिकार मित्रों को यातायात नियमों,सड़क संकेतों तथा राहवीर योजना-2025 सहित सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों की जानकारी प्रदान की।प्रशिक्षण कार्यक्रम में संभागीय परिवहन अधिकारी अल्मोड़ा अखिलेश चौहान ने सड़क सुरक्षा नियमों एवं भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा संचालित राहवीर योजना की विस्तृत जानकारी दी।उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की स्वर्णिम काल (गोल्डन ऑवर) अर्थात दुर्घटना के एक घंटे के भीतर सहायता करने वाले गुड सेमेरिटन (राहवीर) को योजना के तहत चयनित कर 25 हजार रुपये तक की नगद पुरस्कार राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है।एसडीआरएफ के पंकज डंगवाल एवं उनकी टीम ने प्रतिभागियों को आपदा प्रबंधन, बचाव के उपाय, कर्तव्यों तथा सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) संबंधी व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। वहीं स्वास्थ्य विभाग से डॉ. नीरज सुप्याल ने प्राथमिक उपचार, आपातकालीन सहायता, बर्न केस, सर्पदंश (स्नेक बाइट) तथा अन्य आपात स्थितियों में किए जाने वाले आवश्यक उपायों की जानकारी दी।कार्यक्रम का संचालन नरेन्द्र सिंह महिपाल ने किया।इस अवसर पर प्रतिभागियों को सड़क सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन संबंधी पंपलेट भी वितरित किए गए।
