अल्मोड़ा-उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की हड़ताल सोमवार को पंद्रहवें दिन भी जारी रही। शक्ति सदन में आयोजित धरना-प्रदर्शन में लोक निर्माण, सिंचाई और ग्रामीण निर्माण विभाग समेत विभिन्न घटक संघों के अभियंता शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता गणेश जोशी ने की। इस दौरान अभियंताओं ने 27 सूत्रीय मांगों के पूर्ण होने तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि हड़ताल के चलते विकास कार्य प्रभावित हो सकते हैं, लेकिन इसकी जिम्मेदारी उनकी नहीं होगी। अभियंताओं की प्रमुख मांगों में 10 वर्ष में प्रथम एसीपी के तहत 5400 ग्रेड पे, 16 वर्ष में 6600 और 26 वर्ष में 8700 ग्रेड पे, अभियंत्रण विभागों में न्यूनतम तीन पदोन्नति, पेयजल एवं जल संस्थान का राजकीयकरण, पुरानी पेंशन बहाली, आईटी भत्ता, फील्ड स्टाफ की नियुक्ति और गैर तकनीकी कार्यों से मुक्ति शामिल हैं। अभियंताओं ने चेतावनी दी कि जब तक सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मांगों की अनदेखी होने पर हड़ताल जारी रहेगी, भले ही इससे विकास कार्य और आवश्यक सेवाएं प्रभावित हों। धरना-प्रदर्शन में उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने भी पहुंचकर अभियंताओं की मांगों का समर्थन किया। इस दौरान दीपक मटियाली, रिनी पांडे, हिमांशु जोशी, जीएस मेहरा, सूरज रावत, हितांशी नैलवाल, मयंक जोशी, मिनिका टाकुली, स्वाति पटवाल, कुंदन सिंह बिष्ट, प्रेमा पाटनी और नीरू थापा सहित अन्य मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *