अल्मोड़ा-उत्तराखण्ड में जिला योजना समिति के चुनाव अब तक न कराए जाने पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है।उन्होंने कहा कि यह सरकार की नाकामी और लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं की अनदेखी का स्पष्ट उदाहरण है।जिला योजना समिति के चुनाव अब तक न कराए जाने पर इसे लोकतंत्र की खुलेआम हत्या करार दिया है।जिलाध्यक्ष ने कहा कि राज्य सरकार जानबूझकर जिला योजना समिति के चुनाव टाल रही है ताकि जनप्रतिनिधियों की भागीदारी को खत्म कर अपने मनमाने फैसले थोपे जा सकें। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर जनता की आवाज दबाने का काम कर रही है।उन्होंने कहा जिला योजना समिति स्थानीय विकास की रीढ़ होती है,लेकिन भाजपा सरकार की नीतियों के कारण यह व्यवस्था पूरी तरह ठप हो चुकी है।चुनाव न कराना सरकार की नीयत पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।जिलाध्यक्ष ने कहा कि जिला योजना समिति स्थानीय विकास योजनाओं को तैयार करने और उन्हें सही दिशा देने का महत्वपूर्ण माध्यम होती है। लेकिन भाजपा सरकार जानबूझकर इसके चुनाव टाल रही है।इससे विकास कार्य बाधित हो रहे हैं और जनता की आवाज को दबाने का काम किया जा रहा है।उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पंचायतों और स्थानीय निकायों की शक्तियों को कमजोर कर रही है, जो कि लोकतंत्र के मूल ढांचे के खिलाफ है।यदि समय पर चुनाव नहीं कराए जाते हैं तो यह संवैधानिक व्यवस्था का उल्लंघन माना जाएगा।कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द जिला योजना समिति के चुनाव कराए जाएं ताकि विकास कार्यों में पारदर्शिता और जनभागीदारी सुनिश्चित हो सके।साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता नहीं दिखाती है तो कांग्रेस पार्टी जन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
