अल्मोड़ा-अल्मोड़ा में जहां आधुनिक जीवनशैली के बीच लोग तेजी से मोटर वाहनों की ओर बढ़ रहे हैं,वहीं रमेश बोरा अपनी सादगी और अनुशासन से एक अलग पहचान बना रहे हैं।अल्मोड़ा पुलिस में तैनात एसएसआई रमेश बोरा आज भी अधिकतर पैदल चलते हैं या साइकिल का उपयोग करते हैं, जो समाज के लिए एक मजबूत और सकारात्मक संदेश है।रमेश बोरा का यह कदम न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है,बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान है।साइकिल का उपयोग करने से प्रदूषण में कमी आती है और ईंधन की खपत भी घटती है,जो आज के समय की बड़ी जरूरत है।स्थानीय स्तर पर भी उनका यह प्रयास सराहनीय है।माल रोड और शहर के अन्य क्षेत्रों में साइकिल का उपयोग ट्रैफिक नियंत्रण में सहायक साबित हो सकता है।जहां वाहनों की भीड़ बढ़ती जा रही है,वहां साइकिल एक सरल,सस्ता और प्रभावी विकल्प बनकर उभर रही है।पहाड़ी क्षेत्रों में साइकिल का उपयोग धीरे-धीरे कम होता जा रहा है और यह परंपरा विलुप्ति की ओर बढ़ रही है। ऐसे में रमेश बोरा जैसे लोग इस संस्कृति को जीवित रखने का काम कर रहे हैं।उनका यह प्रयास न केवल एक व्यक्तिगत आदत है,बल्कि समाज को स्वास्थ्य,पर्यावरण और सादगी की ओर प्रेरित करने वाला एक मजबूत संदेश भी है।वास्तव में, छोटे-छोटे प्रयास ही बड़े बदलाव की नींव रखते हैं और रमेश बोरा इसका जीता-जागता उदाहरण हैं।
