अल्मोड़ा-आज भाजपा की प्रदेश सरकार पर तंज कसते हुए यूथ कांंग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता वैभव पाण्डेय ने कहा कि उत्तराखंड सरकार के खेवन हारों की जितनी तारीफ करें उतनी कम है।एक ओर जहां हर रोज कोविड -19 से संक्रमित मरीजों में उतार चढ़ाव आ रहे हैं और कई मरीज अपनी जान गंवा रहे हैं इस परिवेश में 28 मई को पूरे राज्य में स्टाफ नर्स प्रवेश परीक्षा के मात्र दो लिखित परीक्षा केंद्र हल्द्वानी व देहरादून में बनाया जाना सोचनीय है और हास्यास्पद है।स्टाफ नर्स प्रवेश परीक्षा में आवेदन किऐ हुए बेरोजगार उत्तराखंड से बाहर अन्य राज्यों के अस्पतालों व प्राईवेट नर्सिंग क्लीनिकों में इस कोरोना महामारी के समय अपने सेवाऐं दे रहे हैं वो इस लाकडाउन में कैसे आऐंगे ये प्रदेश सरकार ने मनन करना चाहिए जबकि उत्तराखंड में लाकडाउन 25 मई तक है।उत्तराखंड में ही स्टाफ नर्सें कोविड अस्पतालों में दिन रात सेवाऐं दे रहीं और कुछ की ड्यूटी सैम्पलिंग व वैक्सीनेशन में लगा रखी है।उन्होंने कहा कि बड़े जिलों में बने कोविड सेंटरों व प्राईवेट अस्पतालों में भी वे अपनी सेवाऐं दे रहे हैं।विशेष सोचनीय चिंताजनक बात ये बात है कि कुछ अभ्यर्थी खुद संक्रमित हैं और कुछ होम आइशोलेसन में हैं और उनके परिवार जन भी संक्रमित हैं।ऐसे में 28 मई को परीक्षा कराने का फरमान बिल्कुल गलत है।सरकार को चाहिये कि इस संकटकाल के समय में पूर्व से चली आ रही चयन प्रक्रिया के आधार पर वरिष्ठता व अंक गुणांक के अनुसार नियुक्ति की जाए और उनको प्रथम वरीयता दी जाऐ जो चयन आयु की सीमा को पूर्ण कर रहे हों और जो वर्षों से संविदा पर अल्पवेतन में अपनी सेवाऐ दे रहे हैं उन्हें प्राथमिकता में चयन करना चाहिए।
