अल्मोड़ा-अल्मोड़ा के विधायक मनोज तिवारी ने आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए उसके पूरे कार्यकाल को विफल करार दिया।उन्होंने कहा कि सरकार हर मोर्चे पर असफल साबित हुई है और जनता आज कई गंभीर समस्याओं से जूझ रही है।विधायक तिवारी ने खासतौर पर पहाड़ों में बढ़ते जंगली जानवरों के आतंक और बंदरों के बढ़ते हमलों का मुद्दा उठाया।उन्होंने कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोग दहशत के साये में जीने को मजबूर हैं, लेकिन सरकार इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा पा रही है।कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है।अपराधों में बढ़ोतरी हो रही है और आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है।इसके साथ ही उन्होंने बेरोजगारी को लेकर भी सरकार को घेरा और कहा कि युवाओं को रोजगार देने के बजाय उन्हें निराशा का सामना करना पड़ रहा है।प्रेस वार्ता में उन्होंने वर्तमान में गैस सिलेंडर की किल्लत और वितरण में आ रही समस्याओं को भी प्रमुख मुद्दा बताते हुए कहा कि आम जनता और व्यापारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है लेकिन सरकार इस ओर गंभीर नहीं है।प्रेस वार्ता के दौरान अल्मोड़ा के विधायक मनोज तिवारी ने स्वास्थ्य,शिक्षा और सड़कों की बदहाल स्थिति को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला।उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमराई हुई हैं।अस्पतालों में न डॉक्टर पर्याप्त हैं और न ही जरूरी उपकरण उपलब्ध हैं।गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को दूर-दराज के शहरों की ओर जाना पड़ रहा है।उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल कागजों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत दिखा रही है।शिक्षा व्यवस्था पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों की स्थिति लगातार गिरती जा रही है।कई विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी बनी हुई है।बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिल पा रही है, जिससे उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है।उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा के नाम पर सिर्फ घोषणाएं कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई सुधार नहीं दिख रहा।सड़क व्यवस्था को लेकर भी विधायक ने सरकार को घेरा।उन्होंने कहा कि क्षेत्र की अधिकांश सड़कें खस्ताहाल हैं और कई जगहों पर गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं।बरसात के समय इन सड़कों पर चलना जान जोखिम में डालने जैसा हो जाता है।ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क की स्थिति और भी खराब है।उन्होंने कहा कि खराब सड़कों के कारण लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।विधायक तिवारी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्षों से गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की बात सिर्फ घोषणाओं तक ही सीमित रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता की भावनाओं के साथ लगातार खिलवाड़ किया जा रहा है, लेकिन ठोस निर्णय लेने में सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है। तिवारी ने कहा कि गैरसैंण को स्थायी राजधानी ना बनाना प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों की अनदेखी का स्पष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी प्रदेश के विकास के लिए सड़क से लेकर सदन तक आवाज उठाने का कार्य करती आयी है और करती रहेगी। प्रेस वार्ता में जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज, महिला जिलाध्यक्ष राधा बिष्ट, नगर अध्यक्ष तारा चंद्र जोशी, पूर्व पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी, पूर्व दर्जा मंत्री पूरन रौतेला, पूर्व दर्जा मंत्री राजेन्द्र बाराकोटी, पार्षद दीपक कुमार, परितोष जोशी आदि उपस्थित रहे।






