अल्मोड़ा-जनपद में प्राइवेट स्कूलों द्वारा मनमाने तरीके से फीस बढ़ाने और अभिभावकों को स्कूल से ही महंगी किताबें खरीदने के लिए बाध्य किए जाने के खिलाफ अब विरोध तेज होने लगा है। इस मुद्दे को लेकर अधिवक्ता वैभव जोशी, जो ब्राह्मण महासभा और सवर्ण महासंघ के अध्यक्ष भी हैं, ने सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की है।वैभव जोशी ने कहा कि निजी स्कूल शिक्षा के नाम पर अभिभावकों का आर्थिक शोषण कर रहे हैं। हर साल फीस में बेतहाशा वृद्धि की जा रही है, वहीं किताबें और अन्य शैक्षिक सामग्री भी स्कूल प्रबंधन द्वारा तय दुकानों से ही खरीदने का दबाव बनाया जाता है, जिससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।उन्होंने सरकार से मांग की कि प्राइवेट स्कूलों की फीस संरचना को नियंत्रित करने के लिए स्पष्ट नियम बनाए जाएं और उनकी सख्ती से निगरानी हो। साथ ही, स्कूलों को किसी विशेष दुकान से किताबें खरीदने के लिए बाध्य करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए, ताकि अभिभावकों को राहत मिल सके।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो संगठन व्यापक स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होगा।स्थानीय अभिभावकों ने भी इस मुद्दे पर समर्थन जताते हुए कहा कि शिक्षा के नाम पर हो रही इस मनमानी पर रोक लगना बेहद जरूरी है ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।






