अल्मोड़ा-वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर घोडके की अध्यक्षता में सोमवार को पुलिस लाइन सभागार में मासिक अपराध गोष्ठी एवं पुलिस सम्मेलन आयोजित किया गया। बैठक में अपराध नियंत्रण, विवेचनाओं के निस्तारण और डिजिटल पुलिसिंग को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।एसएसपी ने लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण, गुणवत्तापूर्ण विवेचना तथा अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। नशे के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हुए मादक पदार्थों की बरामदगी बढ़ाने और तस्करों पर कड़ी कार्रवाई करने पर जोर दिया गया। बैठक में बीट पुलिसिंग को मजबूत करने, ई-बीट बुक अपडेट रखने तथा ग्राम प्रधानों और स्थानीय लोगों से समन्वय बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही साइबर अपराधों पर सतर्कता बरतते हुए संबंधित पोर्टलों पर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा गया। एसएसपी ने गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश के लिए विशेष अभियान चलाने और सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने हेतु सख्त चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश भी दिए।सम्मेलन के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले 26 पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। विगत माह सोमेश्वर क्षेत्र में सड़क दुर्घटना के दौरान घायलों को त्वरित राहत पहुंचाने वाले हेड कांस्टेबल त्रिलोक सिंह तथा एसओजी के कांस्टेबल राजेश भट्ट को “पुलिस ऑफिसर ऑफ द मंथ” चुना गया। राजेश भट्ट ने स्मैक और गांजा बरामदगी के मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। दोनों को एसएसपी द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। अपराध गोष्ठी में एएसपी हरबंस सिंह, सीओ बलवंत सिंह रावत, सीओ विमल प्रसाद, सीओ दूरसंचार राजीव टम्टा, सीएफओ नरेंद्र सिंह कुंवर, प्रतिसार निरीक्षक रमेश चंद्र, प्रभारी निरीक्षक योगेश चंद्र उपाध्याय, निरीक्षक अशोक धनकड़ (वाचक), प्रभारी निरीक्षक जानकी भंडारी, यातायात प्रभारी दरबान सिंह मेहता, निरीक्षक मनोज भारद्वाज, निरीक्षक दूरसंचार उमाशंकर पांडे, पीआरओ व प्रभारी साइबर सैल राहुल राठी, मदन मोहन जोशी, अशोक कुमार, भुवन जोशी, देवेंद्र सिंह नेगी, अजेन्द्र प्रसाद, सुनील सिंह बिष्ट, प्रमोद पाठक, कश्मीर सिंह, अवनीश कुमार, मीना आर्या, कमित जोशी, महेश कश्यप, मोहित कुमार, बरखा कन्याल, हीरा सिंह, पूरन रावत आदि मौजूद रहे।






