अल्मोड़ा-27 सूत्रीय मांगों के निराकरण को लेकर डिप्लोमा इंजीनियर्स मुखर हो गए है। बुधवार को उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के बैनर तले इंजीनियर्सों ने सरकार के खिलाफ धरना देकर जमकर प्रदर्शन किया।वहीं डीएम के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।जल्द मांग पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।नगर के शक्ति सदन परिसर में आयोजित धरना प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि कई बार मांग के बावजूद भी उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं किया जा रहा है। जिससे इंजीनियर्सों में सरकार के प्रति भारी रोष व्याप्त है। इंजीनियर्स ने पूर्ण सेवाकाल में पदोन्नति की पात्रता के अनुसार न्यूनतम तीन प्रोन्नति प्रदान करने, कनिष्ठ अभियंताओं को अपर सहायक अभियंता में पदोन्नत करने, कनिष्ठ अभियंता को दस वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर पूर्व की भांति 5400 ग्रेड पे देने, पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने, उत्तराखंड पेयजल निगम और जल संस्थान का एकीकरण करने, वित्तीय अधिकारी बढ़ाए जाने, पदोन्नति की सीमा 10 से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने, अधिशासी अभियंताओं को दस लाख और सहायक अभियंताओं को पांच लाख तक कार्यादेश करने का अधिकार देने, उत्तराखंड के तीनों ऊर्जा निगमों में राजकीय विभाग व अन्य निगमों की भांति कनिष्ठ और सहायक अभियंता पद पर प्रोन्नति सीमा 40 से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने की मांग उठाई। चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगें पूरी नहीं हुई तो महासंघ उग्र आंदोलन को बाध्य होगा। यहां धरना प्रदर्शन में महासंघ जिलाध्यक्ष गोविंद सिं मेहरा, महामंत्री ललित मोहन बिष्ट, शाखा अध्यक्ष रानीखेत शेखर पांडे, जनपद सचिव मनीष कुमार, दीपक मटियानी, जीवेश शर्मा, मोहन सिंह, आलोक ओली, प्रकाश कन्याल, ललित मोहन बिष्ट, सूरज रावत, मनीष कुमार, धीरज जोशी, हितांश नैनवाल, दीपचंद पांडे, कमल पालीवाल, रीना पांडे, मिनाक्षी, कुन्दन बिष्ट समेत विभिन्न विभागों के अभियंता मौजूद रहे।
