अल्मोड़ा-अल्मोड़ा स्थित मानसखण्ड विज्ञान केंद्र में आयोजित तीन दिवसीय 21 वें राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय प्रमुखों के सम्मेलन ने देशभर के विज्ञान केंद्रों और संग्रहालयों के लिए एक स्पष्ट,दूरगामी और भविष्य उन्मुख रोडमैप प्रस्तुत किया। यह राष्ट्रीय सम्मेलन उत्तराखंड में पहली बार आयोजित हुआ, जिसने राज्य को राष्ट्रीय विज्ञान संवाद और नवाचार के मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाई। सम्मेलन के दौरान विज्ञान शिक्षा,विज्ञान संचार और नवाचार आधारित गतिविधियों को केंद्र में रखते हुए गहन एवं सार्थक विचार-विमर्श किया गया।सम्मेलन में विज्ञान केंद्रों के एक्सपेरिमेंटल पार्क, साइंस थिएटर, एस टी ई एम लैब, 3-डी जैवविविधता प्रदर्शन, वर्चुअल रियलिटी तकनीक, डाटा कोडिंग,डिजिटल टूल्स, क्षमता निर्माण तथा खेल-खेल में विज्ञान सिखाने जैसी आधुनिक अवधारणाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि विज्ञान केंद्रों को पारंपरिक प्रदर्शनों से आगे बढ़कर ऐसे जीवंत और अनुभवात्मक मंचों के रूप में विकसित करना होगा, जहाँ आमजन विज्ञान को देखकर ही नहीं,बल्कि करके समझ सके।सम्मेलन में यह स्पष्ट रूप से रेखांकित किया गया कि शोध परियोजनाओं को समाज से जोड़ना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है, ताकि विज्ञान केवल अकादमिक दायरे तक सीमित न रहकर आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान में प्रत्यक्ष भूमिका निभा सके।साथ ही युवाओं को विज्ञान आधारित स्वरोजगार, स्टार्टअप संस्कृति और नवाचार की ओर प्रेरित करने पर विशेष बल दिया गया।इस राष्ट्रीय सम्मेलन से कई महत्वपूर्ण और ठोस निष्कर्ष सामने आए।निर्णय लिया गया कि देशभर के विज्ञान केंद्रों के बीच एक सशक्त नेटवर्किंग व्यवस्था विकसित की जाएगी,जिसके लिए एक साझा फोरम का गठन किया जाएगा। इसके साथ ही विज्ञान संचार को अधिक प्रभावशाली बनाने के उद्देश्य से 3-डी फिल्मों की एक साझा राष्ट्रीय लाइब्रेरी तैयार करने का निर्णय लिया गया। सम्मेलन की एक और ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में विज्ञान संप्रेषकों के लिए ‘अल्मोड़ा घोषणा-पत्र’ जारी करने की घोषणा की गई, जिसे विज्ञान संचार के क्षेत्र में एक नई दिशा के रूप में देखा जा रहा है।
सम्मेलन के समापन अवसर पर मानसखण्ड विज्ञान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. नवीन चंद्र जोशी ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। उन्होंने राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद, कोलकाता के मार्गदर्शन एवं सहयोग तथा उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के निरंतर समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर यू-कॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत के दूरदर्शी नेतृत्व और मार्गदर्शन की विशेष सराहना की गई।सम्मेलन के अंत में यह भी घोषणा की गई कि 22वाँ राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय प्रमुखों का सम्मेलन आगामी वर्ष छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित किया जाएगा।इस राष्ट्रीय सम्मेलन में अनुराग कुमार, उप महानिदेशक, राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद; जी. एस. रौतेला, पूर्व महानिदेशक, राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद; विजय शंकर शर्मा, निदेशक, राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र, दिल्ली; राजीब नाथ, निदेशक, राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद तथा प्रशांत काविश्वर, महानिदेशक सहित देशभर के विभिन्न विज्ञान केंद्रों के प्रमुख, वैज्ञानिक एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे।अंततः यह सम्मेलन अल्मोड़ा और उत्तराखंड के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए विज्ञान, नवाचार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को सशक्त बनाने वाला एक ऐतिहासिक पड़ाव सिद्ध हुआ।
