अल्मोड़ा-सामाजिक कार्यकर्ता विनय किरौला के नेतृत्व में ग्रामीणों का एक शिष्टमंडल आज जिलाधिकारी से मिला।
ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि ग्राम सल्ला विकास खंड भैसियाछाना मे जल जीवन मिशन का कार्य लम्बे समय से लम्बित है।इसके अतिरिक्त वैकल्पिक पानी की लाईन बिन्सर से भी गांव मे पानी की सप्लाई होती है।जेजेएम का कार्य लम्बे समय से लंबित है,जिस कारण 800 से ऊपर आबादी लम्बे समय से घोर पेयजल की समस्या से जुझ रही है।ग्राम प्रधान सरिता टम्टा व महिला समूह की अध्यक्ष प्रीति बजेठा सहित अन्य महिलाओं का कहना है कि रोज़ 5-6 किमी दूर जाकर महिलाएं दशकों से सर मे रखकर पानी सारती है।गर्मियों मे तो रात को 1 बजे तक महिलाएं पानी सारती है।महिलाओ का जीवन पानी के लिए संघर्ष मे कट गया है।सीमा भोज ने कहा कि हमने तो आपना आधा जीवन पानी सारने मे लगा दिया है लेकिन अपने बच्चों को इस कष्ट में नहीं डालना है।विनय किरौला ने कहा कि उनके द्वारा चलाए गए गाव चलो अभियान के द्वितीय चरण मे गाव-गाव में हमने देखा है कि उत्तराखंड निर्माण के 25 साल बाद भी गाव आज भी पानी-सड़क जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए जुझ रहा है जो स्थानीय जनप्रतिनिधियो की नाकामयाबी को दर्शाता है।जब तक हर गांव को बुनियादी सुविधाओ से लेस नही किया जाऐगा,स्थानीय स्तरपर रोजगार-स्वरोजगार नही हो पाएगा।ग्रामीण पूरन सिंह देवङी ने बताया कि पीएमजीएसवाई से स्वीकृत सल्ला गाव में रोड का सर्वे होने के बावजूद आज तक सड़क निर्माण नहीं हो पाया है जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।जिलाधिकारी से हुई वार्ता में तय हुआ कि शुक्रवार 13 फरवरी को जल निगम,जल संसाधन व पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता सल्ला गांव का स्थलीय निरीक्षण कर समस्या का समाधान खोज तत्काल समस्या का समाधान करने का प्रयास करेंगे।जिलाधिकारी अल्मोड़ा को ज्ञापन देने वालों मे विनय किरौला,प्रधान सरिता टम्टा,महिला समूह अध्यक्ष प्रीति बजेठा,मुन्नी देवी,प्रेमा देवी,सुजीत टम्टा,कमला देवङी,सीमा भोज,पीएसदेवङी,मंजू ठठोला,नीमा देवी सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे।
