अल्मोड़ा-संस्कृत विभाग देहरादून के तत्वावधान में स्वर्गीय गोपाल बाबू गोस्वामी की स्मृति में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन रैमजे इंटर कॉलेज के सभागार में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष रवि रौतेला ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में गोपाल बाबू गोस्वामी के जीवन और कृतित्व पर प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने बताया कि उनका जन्म 2 फरवरी 1941 को चौखुटिया क्षेत्र के चांदी गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम मोहन गिरी और माता का नाम चंनूली देवी था। प्रारंभिक शिक्षा उन्होंने गांव में ही आठवीं तक प्राप्त की, लेकिन पारिवारिक परिस्थितियों के कारण आगे की पढ़ाई जारी नहीं रख सके। उनका विवाह विजय सिंह की पुत्री चंद्रा देवी से अल्मोड़ा स्थित गैराड़ मंदिर में हुआ। सांस्कृतिक संध्या में उनके लोकगीतों की यात्रा को भी याद किया गया। बताया गया कि उनके गीतों की शुरुआती रिकॉर्डिंग सोनू टोन कंपनी के माध्यम से हुई, जिनमें ‘की कैला बजे मुरली’, ‘हैय तेरी रुमाला’ और ‘जय मैया दुर्गा भवानी’ जैसे गीत शामिल रहे। बाद में नजीबाबाद आकाशवाणी से उनकी पहली रिकॉर्डिंग प्रसारित हुई। उनके गीतों में देश प्रेम, पहाड़ से पलायन, पर्यावरण संरक्षण, शांति और सद्भाव, बेरोजगारी तथा पारंपरिक विवाह गीतों की संवेदनाएं प्रमुख रूप से झलकती रहीं। वक्ताओं ने यह भी बताया कि ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित रहने के बाद 26 नवंबर 1996 को नैनीताल स्थित बी. डी. पांडे अस्पताल में उनका निधन हो गया। कार्यक्रम में उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर उनके परिवार के सदस्य भी मौजूद रहे, जिनमें उनकी धर्मपत्नी चंद्रा गोस्वामी, पुत्र आशीर्वाद गोस्वामी, गायक अमित गोस्वामी, पुत्री अभिलाषा जोशी, पुत्रवधू चंद्रा गोस्वामी, पार्षद अंजू बिष्ट,अरमान गोस्वामी, आरव जोशी, पूजा धौनी, दित्या, तनिष, पंकज कुमार, चंद्रशेखर, मनोज जोशी और विनोद कुमार सहित नगर के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।


