अल्मोड़ा-आज जिला मुख्यालय से 35 किलोमीटर दूर नगरखान नामक स्थान में राज्य आंदोलनकारियों की एक बैठक संपन्न हुई।बैठक में राज्य आंदोलनकारियों ने शासन/प्रशासन पर राज्य आंदोलनकारियों की घोर उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर उनकी मांगों पर अपेक्षित कार्यवाही नहीं हो रही है।बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री की घोषणा के चार वर्ष बीतने तथा जिला मुख्यालय में तीन वर्ष पूर्व आवेदन देने के बाद राज्य आंदोलनकारियों की आश्रित विधवाओं के आवेदन जिलाधिकारी कार्यालय से शासन को नहीं भेजे गये हैं।यह बड़ी दुर्भाग्यपूर्ण बिडंबना ही है कि आवेदनकर्ता अनेक महिलाओं की भी मृत्यु हो चुकी है।बैठक में मांग की गयी कि पैंशन लगने से पूर्व जिन आश्रित महिलाओं की मृत्यु हो चुकी है उनके बच्चों को पैंशन का लाभ दिया जाय।बैठक में वक्ताओं ने राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष में उनकी पैंशन में मामूली बृद्धि पर भी आक्रोश ब्यक्त करते हुए कहा कि जहां सरकार लोकतंत्र सेनानी बताते हुए अपने कार्यकर्ताओं को तीस हजार रूपए मासिक पैंशन दे रही है वहीं राज्य निर्माताओं को साढ़े पांच हजार पैंशन देने की घोषणा कर रही है।यही नहीं घोषणा को दो माह होने को हैं उसका शासनादेश अभी जारी नहीं हुआ है।क्षेत्रीय समस्याओं पर चर्चा करते हुए बैठक में कहा गया कि सरकार द्वारा जन समस्याओं के समाधान हेतु जो सरकार जनता के द्वार नाम से शिविर लगाये जा रहे हैं उनमें न तो जिला स्तर के अधिकारी आ रहे हैं और न जनप्रतिनिधि।ऐसे में शिविर में केवल सरकारी धन का दुरूपयोग हो रहा है।बैठक में हर घर नल,हर घर जल योजना को पूर्णतया बिफल बताते हुए कहा गया कि चनोली ग्राम समूह पेयजल योजना में दो दो चरणों में करोड़ों रूपये खर्च करने के बाद भी संबंधित गांवों में तीसरे दिन पेयजलापूर्ति हो रही है। सरकार के गड्ढा मुक्त सड़कों की घोषणा को भी झूठ बताते हुए कहा कि लोक निर्माण विभाग के अधिकारी घोषणा को केवल हाई वे तक सीमित बता रहे हैं।ग्रामीण सड़कों की मरम्मत के लिए उनके पास कोई धन नहीं है।बैठक में कहा गया कि पूर्व में भेजे गये ज्ञापनों तथा आज की बैठक में लिए गये निर्णयों पर कार्यवाही हेतु राज्य आंदोलनकारियों का शिष्टमंडल शीघ्र जिलाधिकारी से मिलेगा।यदि फिर भी शासन/प्रशासन का यही उपेक्षापूर्ण रवैया जारी रहा तो राज्य आंदोलनकारी आन्दोलनात्मक कार्यवाही को बाध्य हो जायेंगे।बैठक में ब्रह्मा नन्द डालाकोटी,दौलत सिंह बगडवाल,नवीन चन्द्र डालाकोटी, गोपाल सिंह बनौला,पूरन सिंह बनौला,कैलाश राम,दिवान सिंह,ताराराम,मदन राम,शंकर दत्त डालाकोटी, सुशील बहुगुणा,बिसंभर पेटशाली,गोपाल सिंह गैड़ा,कृष्ण चंद्र डालाकोटी आदि उपस्थित रहे।

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