अल्मोड़ा-अल्मोड़ा के ऐतिहासिक बडन मेमोरियल चर्च में धूम धाम से क्रिसमस मनाया गया।चर्च में प्रार्थना कर देश एवं आमजन की खुशहाली की कामना की गई।क्रिश्चियन समुदाय के लोगों ने श्रद्धा और उल्लास से प्रभु ईशा मसीह के जन्मदिन पर एक दूसरे को बधाई दी। क्रिसमस पर्व को बड़े दिन के रूप में भी मनाया जाता है।क्रिसमस ईसाई धर्म का सबसे प्रमुख त्यौहार है,जिसे हर साल 25 दिसंबर को प्रभु ईसा मसीह (जीसस क्राइस्ट) के जन्म के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।आज 25 दिसंबर 2025 को भी यह पर्व पूरी दुनिया में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है।ईसाई धर्म के अनुसार प्रभु यीशु का जन्म मानवता को प्रेम,शांति और करुणा का संदेश देने के लिए हुआ था।माना जाता है कि पहली बार आधिकारिक रूप से 336 ईस्वी में रोम के सम्राट कॉन्स्टेंटाइन के शासनकाल में 25 दिसंबर को क्रिसमस मनाया गया था।इस दिन घरों और चर्चों में सदाबहार क्रिसमस ट्री को रोशनी और खिलौनों से सजाया जाता है।सांटा क्लॉज (संत निकोलस) बच्चों के बीच सबसे लोकप्रिय हैं जिनके बारे में मान्यता है कि वे आधी रात को बच्चों के लिए उपहार लाते हैं।लोग चर्च जाकर विशेष प्रार्थना सभाओं में शामिल होते हैं और कैरोल्स (धार्मिक गीत) गाते हैं।इस दिन लोग एक-दूसरे को उपहार देते हैं केक काटते हैं और विशेष पकवान बनाकर खुशियां बांटते हैं।भारत में इसे बड़ा दिन भी कहा जाता है क्योंकि 25 दिसंबर के बाद से दिन धीरे धीरे बड़े होने लगते हैं।आज प्रार्थना सभा के दौरान विधायक मनोज तिवारी, पूर्व पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी, तारा चंद्र जोशी,पंकज पौल मैसी,साज़ सिंह,संगीत सिंह, सुशील डेविड,सुनील सिंह,शिखा दास,रागिनी मैसी,प्रथम मैसी साक्षी स्टीफ़न,दिया मार्क्स,वि टी विल्सन एम ट्रेसी,वी सनी,पार्षद श्याम पाण्डेय,श्रीमती सुषमा डेविड आदि उपस्थित रहे।सुंदर गीतों और प्रार्थनाओं के द्वारा प्रभु की महिमा की गई।

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