अल्मोड़ा-नगर के चौघानपाटा में बीते छह दिनों से चल रहा स्वास्थ्य सुधार आंदोलन सोमवार को अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज प्रशासन के साथ हुई वार्ता के बाद स्थगित कर दिया गया। वार्ता के दौरान मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने आंदोलनकारियों की मांगों पर शासन स्तर पर पत्राचार किए जाने और उसकी प्रति साझा करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद आंदोलन स्थगन पर सहमति बनी।आंदोलनकारियों ने बताया कि अंतिम चरण की वार्ता में मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से लिखित आदेश पत्र उपलब्ध कराया गया,जिसमें स्पष्ट किया गया है कि मेडिकल कॉलेज के भीतर कार्यरत कोई भी चिकित्सक मरीजों को बाहर से दवाइयां लिखने के लिए बाध्य नहीं करेगा।इसी आदेश के आधार पर आंदोलनकारियों ने अपना धरना समाप्त करने की घोषणा की।हालांकि आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि इस आदेश के अनुपालन में किसी प्रकार की ढिलाई बरती गई,तो उन्हें दोबारा आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।इस चेतावनी पर सभी आंदोलनकारियों ने एक स्वर में सहमति जताई।धरना-प्रदर्शन में नंदन सिंह बिष्ट,यूकेडी जिला अध्यक्ष जिलाध्यक्ष दिनेश जोशी, केंद्रीय मंत्री गिरीश नाथ गोस्वामी,जिला संगठन मंत्री रघुवर भाकुनी,महिला जिला अध्यक्ष दीपा जोशी,किरण मेहरा, आरती आर्या,महानगर अध्यक्ष मोहित शाह,मनोहर सिंह,ग्राम प्रधान मटेला गोपाल सिंह बिष्ट, ग्राम प्रधान भट्टकोट मुकेश बिष्ट, बालम सिंह बिष्ट,रोहित सिंह बिष्ट,मुकेश सिंह बिष्ट,सूरज आर्य, सोनू नेगी, पंकज रावत, चिराग बिष्ट सहित बड़ी संख्या में आंदोलनकारी मौजूद रहे। मेडिकल कॉलेज प्रशासन की तरफ से वार्ता के लिए प्राचार्य डॉक्टर सी पी भैसोड़ा एवं डॉक्टर अनिल पांडे उपस्थित रहे।इसके साथ ही तहसीलदार ज्योति धपवाल भी वार्ता के दौरान उपस्थित रही।
