अल्मोड़ा-बेस अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बेहतर किए जाने की मांग को लेकर गांधी पार्क में चल रहा धरना फिलहाल खत्म होता नहीं दिख रहा है। रविवार को आंदोलनकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बातचीत की कोशिश नाकाम रही, जिसके बाद दोनों पक्षों में तनाव की स्थिति बन गई।सोमवार को मुख्यमंत्री के अल्मोड़ा आगमन को देखते हुए प्रशासन सतर्क नजर आया और वार्ता के लिए अधिकारियों की एक टीम धरना स्थल पर पहुंची। तहसीलदार ज्योति धपवाल ने आंदोलनकारियों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों पर लिखित भरोसे की शर्त रख दी। इसी बात को लेकर काफी देर तक बहस होती रही, पर कोई सहमति नहीं बन सकी। आंदोलनकारियों का कहना है कि वे पिछले कई दिनों से ठंडे मौसम में शांतिपूर्ण तरीके से धरना दे रहे हैं, लेकिन न तो प्रशासन और न ही मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया। वार्ता विफल होने के बाद प्रशासनिक टीम धरना स्थल से लौट गई, जबकि आंदोलनकारी वहीं डटे रहे। धरने का नेतृत्व कर रहे नरेंद्र बिष्ट ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर लिखित रूप में सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। धरना स्थल पर दिनेश जोशी, गिरीश नाथ गोस्वामी, विनय किरौला, विनोद तिवारी,पुष्कर सिंह, सुजीत टम्टा, आरती आर्या, मुकेश सिंह बिष्ट, सूरज, आर्या, दीपा जोशी, मोहित शाह, किरण मेहरा, निशांत भट्ट सहित कई लोग मौजूद रहे।

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