अल्मोड़ा-सिमकनी मैदान में आयोजित शरदोत्सव मेले का रविवार को विवाद के बाद संचालन बंद करना पड़ा। तय समय सीमा समाप्त होने के बावजूद मेला संचालित किए जाने से नाराज स्थानीय व्यापारियों ने विरोध दर्ज कराया, जिसके चलते प्रशासन को मेले को बंद कराने का निर्णय लेना पड़ा। दरअसल सिमकनी मैदान में 12 दिसंबर से शरदोत्सव मेला लगाया गया था, जिसमें बाहरी क्षेत्रों से आए व्यापारियों ने अपनी दुकानें स्थापित की थीं। बीते दिनों तक मेले में अच्छी खासी भीड़ उमड़ रही थी और रविवार सुबह भी खरीदारी के लिए लोग पहुंचने लगे थे। लेकिन स्थानीय व्यापारियों के विरोध के चलते माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुबह से ही मैदान में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। स्थानीय व्यापारियों का कहना था कि प्रशासन द्वारा मेले की अनुमति केवल 19 दिसंबर तक के लिए दी गई थी, इसके बाद भी दुकानों का संचालन नियमों के खिलाफ है। इसे लेकर व्यापारियों और मेला संचालकों के बीच तीखी बहस भी हुई। नगर व्यापार मंडल के सह-सचिव अश्वनी नेगी ने आरोप लगाया कि निर्धारित समय के बाद मेला जारी रहने से स्थानीय दुकानदारों के कारोबार पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। विरोध बढ़ने पर आखिरकार मेला बंद कर दिया गया और दुकानदारों ने अपना सामान समेटना शुरू कर दिया। अचानक मेला बंद होने से खरीदारी के लिए पहुंचे लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा।
